लखनऊ,28मई(चौथा प्रहरी)।राजधानी लखनऊ में बुधवार को ग्रामीण विकास को लेकर बड़ी समीक्षा बैठक हुई। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह की अध्यक्षता में हुई इस वर्चुअल बैठक में उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत ₹10,021 करोड़ की ‘मदर सैंक्शन’ जारी की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ से हिस्सा लिया और अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए।

बैठक में केन्द्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री Chandra Sekhar Pemmasani भी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश की ओर से प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू और आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने भी भागीदारी की।
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत देशभर में अब तक 3 करोड़ 91 लाख घरों को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 3 करोड़ 5 लाख से अधिक घर बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के साथ अलग से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के सभी लक्ष्यों को तय समय में पूरा किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिन लोगों को आवास मिले, उन्हें बिजली, पानी, शौचालय, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और आयुष्मान कार्ड जैसी दूसरी सरकारी सुविधाएं भी मिलें।
उपमुख्यमंत्री ने 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर पूरे प्रदेश में 12 करोड़ पौधे लगाने का बड़ा लक्ष्य तय किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पौधरोपण अभियान की तैयारी अभी से शुरू की जाए और इसे ब्लॉक स्तर तक प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा और जल संरक्षण पर भी जोर दिया। निर्देश दिए गए कि विभागीय कार्यालयों को सोलर एनर्जी से जोड़ा जाए और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने के लिए ठोस योजना तैयार की जाए।
बैठक में गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने पर भी विशेष चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी पात्र लोगों को भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो जाए, वहां तुरंत मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाए ताकि कोई भी गरीब परिवार आवास से वंचित न रहे।
भ्रष्टाचार को लेकर भी उपमुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अगर किसी स्तर पर गड़बड़ी या अनियमितता की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सरकार का मानना है कि आवास, हरियाली, सौर ऊर्जा और जल संरक्षण जैसे कदम आने वाले समय में ग्रामीण उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल सकते हैं। इससे गांवों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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