लखनऊ, 29 मई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में चल रही बड़ी पुलिस भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अहम समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि भर्ती और पदोन्नति की सभी प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और तकनीक आधारित निगरानी के साथ पूरी की जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर चयन में आरक्षण नियमों का सख्ती से पालन हो और अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए यह वर्ष बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस समय 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने समयबद्ध चयन प्रक्रिया पर जोर देते हुए कहा कि योग्य युवाओं को जल्द अवसर मिलना चाहिए।

बैठक में बताया गया कि इस समय कुल 81,472 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इनमें उप निरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों के 4,543 पद, होमगार्ड्स के 41,424 पद और आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों के 32,679 पद शामिल हैं। इसके अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए, प्रोग्रामर, रेडियो सहायक परिचालक और कुशल खिलाड़ी भर्ती के पदों पर भी चयन प्रक्रिया चल रही है।
समीक्षा के दौरान भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया की समयसीमा भी साझा की गई। उप निरीक्षक नागरिक पुलिस भर्ती 2025 के लिए दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षा जून में प्रस्तावित है, जबकि अंतिम परिणाम जुलाई के तीसरे सप्ताह में आने की संभावना है।
वहीं, होमगार्ड्स नामांकन 2025 के तहत जुलाई में दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षा तथा अगस्त में शारीरिक दक्षता परीक्षा कराने की तैयारी है। इसका अंतिम परिणाम सितंबर के दूसरे सप्ताह में जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
आरक्षी नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को प्रस्तावित है। इस भर्ती के लिए करीब 28 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। सरकार का लक्ष्य अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह तक अंतिम चयन परिणाम जारी करना है।
मुख्यमंत्री ने भर्ती बोर्ड की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग और डिजिटल निगरानी को और मजबूत करने के निर्देश दिए ताकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष बनी रहे।
बैठक में मृतक आश्रित भर्ती के मामलों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में मानवीय और व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने नियमों को सरल बनाने के निर्देश दिए ताकि प्रभावित परिवारों को जल्दी राहत मिल सके।
पदोन्नति प्रक्रिया की समीक्षा में बताया गया कि इस समय 9,406 पदों पर प्रोन्नति प्रक्रिया चल रही है। विभागीय परीक्षाएं और मूल्यांकन का काम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2017 से मई 2026 तक भर्ती बोर्ड ने विभिन्न संवर्गों में 2,21,245 अभ्यर्थियों का चयन किया है। इसी अवधि में 1,60,819 पुलिस कर्मियों को पदोन्नति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस देश के सबसे बड़े पुलिस बलों में शामिल है। भर्ती और पदोन्नति प्रक्रियाओं को तेज और पारदर्शी बनाकर पुलिस व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। माना जा रहा है कि इतनी बड़ी भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश के लाखों युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा और कानून व्यवस्था को भी अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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