लखनऊ, 31 मई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में नशामुक्त समाज बनाने के लिए योगी सरकार ने जागरूकता अभियान को और तेज कर दिया है। मद्यनिषेध विभाग की ओर से वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनका उद्देश्य युवाओं, छात्रों और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना और उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।

सरकार का मानना है कि नशे की समस्या से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका लोगों को जागरूक बनाना है। इसी सोच के तहत गांवों, कस्बों, स्कूलों और कॉलेजों तक अभियान को पहुंचाया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं, संगोष्ठियों, प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लाखों लोगों तक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।
1352 प्रतियोगिताओं में छात्रों की भागीदारी
मद्यनिषेध विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में कुल 1352 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें निबंध लेखन, भाषण, पोस्टर निर्माण, सांस्कृतिक गतिविधियां और खेलकूद प्रतियोगिताएं शामिल रहीं।
इन कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 5404 छात्र-छात्राओं को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। विभाग का मानना है कि युवाओं को सही दिशा में प्रेरित करके नशे के खिलाफ मजबूत सामाजिक माहौल तैयार किया जा सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष अभियान चलाए गए। खेलकूद प्रतियोगिताओं और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। स्थानीय स्तर पर इन कार्यक्रमों को सकारात्मक प्रतिक्रिया भी मिली।
1767 संगोष्ठियों के जरिए पहुंचा संदेश
नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए मद्यनिषेध विभाग ने राज्य और जिला स्तर पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। वर्ष भर में 40 राज्य स्तरीय और 1727 जनपद स्तरीय संगोष्ठियों का आयोजन किया गया।
इन कार्यक्रमों में शिक्षक, कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता, धर्माचार्य और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए। सभी ने नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और समाज को इससे मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
इसके अलावा प्रदेश भर में 356 प्रदर्शनियां भी लगाई गईं। इनमें लोगों को नशे के दुष्प्रभाव, स्वास्थ्य पर उसके असर और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। मेलों, त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और राष्ट्रीय पर्वों के दौरान भी विशेष जागरूकता अभियान चलाए गए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बढ़ी जागरूकता
मद्यनिषेध विभाग ने आम लोगों तक सरल और प्रभावी तरीके से संदेश पहुंचाने के लिए सांस्कृतिक माध्यमों का भी सहारा लिया। प्रदेश भर में 829 सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
नुक्कड़ नाटक, कठपुतली शो, जादू, गीत, कव्वाली और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। इन कार्यक्रमों ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भविष्य पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवाओं और छात्रों के बीच इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम लगातार चलते रहे तो आने वाले वर्षों में नशे की प्रवृत्ति को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्कूलों, कॉलेजों और गांवों तक पहुंचा यह अभियान नई पीढ़ी को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही समाज में नशे के खिलाफ सकारात्मक माहौल तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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