लखनऊ,05जून(चौथा प्रहरी)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विश्व बैंक के सहयोग से 2741 करोड़ रुपये की लागत वाली उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना का शुभारंभ किया। यह भारत की पहली एयर शेड आधारित परियोजना है, जिसका उद्देश्य वायु प्रदूषण को वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित करना और प्रदेश में हवा की गुणवत्ता बेहतर बनाना है।

कार्यक्रम के दौरान विश्व बैंक की एशिया क्षेत्र की प्रैक्टिस मैनेजर एन जैनेट ग्लोबर और यूपी कैंप की सीईओ बी. चंद्रकला ने मुख्यमंत्री के समक्ष परियोजना से जुड़े समझौता ज्ञापन (एमओयू) का हस्तांतरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कई अन्य योजनाओं और पहलों की भी शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ मां के नाम” पौधरोपण महाभियान का शुभारंभ किया। इसके साथ ही यूपी कैंप के लोगो और वेबसाइट का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में यूपी कैंप की गतिविधियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में 100 आर्द्रभूमियों की अधिसूचना से संबंधित संकलन और वेटलैंड पोर्टल का भी शुभारंभ किया।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 के लिए 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। इसी अभियान के लोगो का भी अनावरण किया गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के शुभंकर को भी सार्वजनिक किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्रावस्ती के गुलरा (केन नाला) क्षेत्र को बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट के रूप में विकसित करने की घोषणा भी की गई।
कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बलिया के सुरहा ताल को रामसर स्थल का दर्जा मिलना रही। सुरहा ताल अब उत्तर प्रदेश का 13वां और देश का 100वां रामसर स्थल बन गया है। इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने मुख्यमंत्री को इसका प्रमाण पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के सभी रामसर स्थलों से संबंधित डॉकेट और बुकलेट का भी विमोचन किया।
पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के प्रयासों के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। यूपी कैंप लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में प्रदेश भर के 100 स्कूलों के करीब 2000 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। ललितपुर की कक्षा 7 की छात्रा माही रजा को प्रथम पुरस्कार, कन्नौज की सुंबुल फातिमा को द्वितीय और मीरजापुर की श्रद्धा को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। दिव्यांग छात्र अजय कुमार दुबे को प्रथम, सृष्टि शुक्ला को द्वितीय और दिव्यांग छात्र सुधाकर को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
इसके अलावा आर्द्रभूमियों की अधिसूचना प्रक्रिया में योगदान देने वाले 100 ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने मंच से छह ग्राम प्रधानों को विशेष रूप से सम्मानित किया, जिनमें बाराबंकी, चित्रकूट, अयोध्या, फर्रुखाबाद और चंदौली के प्रतिनिधि शामिल रहे।
यह परियोजना और उससे जुड़ी पहलें उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ वायु, जैव विविधता संरक्षण और जलाशयों के संरक्षण को नई दिशा देने वाली मानी जा रही हैं। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं का प्रभाव प्रदेश की पर्यावरणीय स्थिति और जनस्वास्थ्य पर भी देखने को मिल सकता है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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