15 Best News Portal Development Company In India

यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न, 28.86 लाख में से 75.94% अभ्यर्थी हुए शामिल

SHARE:

लखनऊ, 10 जून। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा तीन दिन तक चले आयोजन के बाद सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। परीक्षा 8, 9 और 10 जून को प्रदेश के 75 जिलों के 1183 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई। भर्ती बोर्ड के अनुसार कुल 28,86,798 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 21,92,236 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। यह कुल अभ्यर्थियों का 75.94 प्रतिशत है। परीक्षा को नकल और फर्जीवाड़े से मुक्त रखने के लिए ई-केवाईसी, बायोमेट्रिक सत्यापन और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया।

यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा देने आए अभ्यर्थी ट्रेन से वापसी करते हुए
भर्ती बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार परीक्षा के लिए 19,62,561 पुरुष और 9,24,237 महिला अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा का आयोजन प्रदेश की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी परीक्षा माना जा रहा था। बोर्ड ने दावा किया कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।
परीक्षा के दौरान कई जिलों में फर्जी अभ्यर्थियों और दस्तावेजों के दुरुपयोग के मामले भी सामने आए। गौतमबुद्ध नगर के दादरी स्थित एक परीक्षा केंद्र पर ई-केवाईसी मिलान में गड़बड़ी मिलने के बाद एक अभ्यर्थी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि वह कथित रूप से कूटरचित आधार कार्ड के जरिए परीक्षा देने पहुंचा था।
अलीगढ़ के एक परीक्षा केंद्र पर भी दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहे युवक को बायोमेट्रिक जांच के दौरान पकड़ लिया गया। दस्तावेजों की जांच में प्रतिरूपण की पुष्टि होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
भर्ती बोर्ड ने परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर भी सख्ती दिखाई। बोर्ड को प्राप्त शिकायतों के आधार पर यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर परीक्षा को लेकर कथित रूप से भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वाले कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। लखनऊ के हुसैनगंज थाने में अलग-अलग मामलों में कार्रवाई शुरू की गई है।
इसी बीच कानपुर नगर के एक परीक्षा केंद्र पर भी एक अभ्यर्थी को संदेह के आधार पर रोका गया। दस्तावेजों की जांच में गड़बड़ी की आशंका मिलने के बाद उससे पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
भर्ती बोर्ड के अनुसार अब तक परीक्षा से जुड़े कुल 12 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 9 आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। फर्जी दस्तावेज, प्रतिरूपण, नकल या अफवाह फैलाने जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बोर्ड ने परीक्षा के सफल आयोजन का श्रेय जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, परीक्षा केंद्र प्रबंधन, तकनीकी टीमों और अभ्यर्थियों के सहयोग को दिया है। भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण भी तकनीकी निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाए जाएंगे।
इस परीक्षा के सफल आयोजन से भविष्य की बड़ी भर्ती परीक्षाओं के लिए भी एक मजबूत मॉडल तैयार हुआ है। तकनीक आधारित निगरानी और त्वरित कार्रवाई से भर्ती प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही यह संदेश भी गया है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854