लखनऊ,02अगस्त(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए रविवार से राज्य स्तरीय अभियान शुरू हो गया। लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से अपील की कि हर व्यक्ति कम से कम एक ऐसे इंसान की मदद करे, जो नशे की लत से बाहर निकलना चाहता हो। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशभर के युवाओं को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। यह अभियान अगले 100 सप्ताह तक पूरे देश में चलाया जाएगा।

कार्यक्रम में MY Bharat के स्वयंसेवकों, मेडिकल छात्रों और विभिन्न संस्थानों के युवाओं ने नशामुक्त भारत का संकल्प लिया। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों और विकास खंडों में भी इससे जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवक और युवा मंडलों के सदस्य शामिल हुए।
सिर्फ कार्यक्रम नहीं, लंबी अवधि की योजना
अभियान का मकसद केवल शपथ दिलाना नहीं है। इसके तहत अगले लगभग दो वर्षों तक लगातार जनजागरूकता गतिविधियां चलेंगी। युवाओं को खेल, फिटनेस, योग, ध्यान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, जनसंवाद और डिजिटल अभियान से जोड़ा जाएगा। उद्देश्य यह है कि नशे के खिलाफ संदेश गांव, कस्बे, शहर और शिक्षण संस्थानों तक पहुंचे।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की समस्या केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं है। इसका असर परिवार, पढ़ाई, रोजगार और सामाजिक माहौल पर भी पड़ता है। इसलिए युवाओं की भागीदारी इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।
राज्यपाल ने गांवों में सर्वे की भी दी सलाह
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि यदि हर युवा एक व्यक्ति को नशे से बाहर निकालने का प्रयास करे तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने KGMU से जुड़े गांवों का उदाहरण देते हुए सुझाव दिया कि छात्र समूह बनाकर घर-घर जाएं, नशे से प्रभावित लोगों की पहचान करें और उन्हें इलाज व परामर्श तक पहुंचाने में सहयोग करें।
उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, घर का भोजन खाने और आत्मनिर्भर बनने की भी सलाह दी। उनका कहना था कि अच्छी आदतें भी नशे से दूरी बनाने में मदद करती हैं।
सरकार का फोकस खेल और फिटनेस पर
प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि सरकार युवाओं को खेल, फिटनेस और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने पर लगातार काम कर रही है। उनका मानना है कि सकारात्मक माहौल मिलने पर युवा नशे से दूर रह सकते हैं और समाज में बदलाव के वाहक बन सकते हैं।
KGMU की कुलपति प्रो. (डॉ.) सोनिया नित्यानंद ने भी कहा कि अनुशासित जीवन और स्वस्थ दिनचर्या युवाओं को बेहतर भविष्य की ओर ले जाती है। उन्होंने छात्रों से अभियान को अपने कॉलेज, गांव और मोहल्लों तक पहुंचाने की अपील की।
प्रदेशभर में होंगे अलग-अलग कार्यक्रम
MY Bharat के अनुसार अभियान के दौरान वाकाथॉन, खेल प्रतियोगिताएं, योग शिविर, डिजिटल शपथ अभियान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के जरिए युवाओं को समाज में नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करने की कोशिश होगी।
क्या है MY Bharat?
MY Bharat (मेरा युवा भारत) केंद्र सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की पहल है। इसका उद्देश्य युवाओं को सामाजिक कार्य, स्वयंसेवा, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है। इस मंच के माध्यम से देशभर में विभिन्न सामाजिक अभियानों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाई जाती है।
भविष्य पर असर
यदि अभियान तय योजना के अनुसार गांव और शहर दोनों स्तर पर सक्रिय रूप से चलता है तो नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता बढ़ सकती है। स्कूल, कॉलेज और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से युवाओं तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने में मदद मिलेगी। हालांकि इसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जागरूकता कार्यक्रमों के साथ नशा छोड़ने वालों के लिए परामर्श, उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं कितनी प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जाती हैं।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854





