नई दिल्ली,18 जुलाई(चौथा प्रहरी)।दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के जारी आमरण अनशन को शनिवार को रोजगार अधिकार अभियान का समर्थन मिला। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने अनशन स्थल पहुंचकर आंदोलन में शामिल छात्रों से मुलाकात की और उनके साथ एकजुटता जताई। संगठन ने 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च का भी समर्थन करने की घोषणा की।

रोजगार अधिकार अभियान के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने अनशन पर बैठे छात्र नेताओं और आंदोलन से जुड़े अन्य लोगों से बातचीत की। संगठन का कहना है कि लंबे समय से जारी अनशन के कारण प्रदर्शनकारियों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
संगठन ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को हिरासत में लेकर अस्पताल ले जाने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। अभियान का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध और धरना-प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं और ऐसे मामलों में संयम बरता जाना चाहिए।
बयान में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और पेंशन जैसे मुद्दों को भी उठाया गया। संगठन ने सरकारी विभागों में खाली पदों पर पारदर्शी भर्ती, युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादित मामलों पर जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई।
रोजगार अधिकार अभियान ने कहा कि इन मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। संगठन के अनुसार 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के जरिए इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।
इस दौरान रोजगार अधिकार अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक राजेश सचान सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आगे क्या?
20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च पर अब सभी की नजर रहेगी। यदि इसमें विभिन्न छात्र, युवा और सामाजिक संगठन बड़ी संख्या में शामिल होते हैं तो रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस तेज हो सकती है। वहीं प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की संभावना है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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