चिट फंड कंपनी हीरा गोल्ड एक्जिम घोटाले में राजधानी लखनऊ में पहला मुकदमा दर्ज
लखनऊ 16 नवंबर। चिट फंड कंपनी हीरा गोल्ड एक्जिम घोटाले में प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पहला मुकदमा दर्ज किया गया है। बताते हैं कि गोमतीनगर के एक निवासी ने कंपनी की सीईओ नौहेरा नन्नेसाहब शेख पर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। आरोप है कि सोने में निवेश पर 36 प्रतिशत रिटर्न का सब्जबाग दिखाया गया था। कुछ माह तक लाभ देने के उपरांत कंपनी ने भुगतान क्लोज कर दिया। एसीपी गोमतीनगर बृज नारायण सिंह के आदेश पर गोमतीनगर पुलिस ने सीईओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। विश्वासखंड-3 निवासी सैयद लरेब अहमद की माने तो वर्ष 2016 में हीरा गोल्ड एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड की सीईओ नौहेरा नन्नेसाहब शेख से संपर्क हुआ था। कंपनी की गोल्ड योजना में उच्च रिटर्न का दावा किया गया, जिसके बाद उनकी पत्नी आइशा लरेब ने नवंबर 2016 में 5 लाख रुपये निवेश किए। यह रकम हीरा रिटेल हैदराबाद प्राइवेट लिमिटेड और हीरा ग्रुप एक्सिम के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। 18 अगस्त 2017 से कंपनी ने मासिक रिटर्न देना शुरू किया, लेकिन 21 मई 2018 के बाद भुगतान बंद कर दिया।लरेब ने बताया कि पत्नी के अलावा उन्होंने भी नवंबर 2016 में 10 लाख रुपये निवेश किए थे। 6 जनवरी 2017 से उन्हें मासिक रिटर्न मिला, लेकिन 19 मई 2018 के बाद भुगतान रोक दिया गया। दंपति ने सीईओ से मूल रकम वापस मांगी तो टालमटोल की गई। शक होने पर जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि कंपनी बंद हो चुकी है।15 लाख की धोखाधड़ी का संदेह होने पर सैयद लरेब अहमद ने एसीपी से शिकायत की। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने पर गोमतीनगर पुलिस ने सीईओ नौहेरा नन्नेसाहब शेख के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर बृजेश चंद्र तिवारी के अनुसार मामले की जांच जारी है।हीरा गोल्ड एक्जिम घोटाले में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली में सैकड़ों केस दर्ज हैं। कंपनी की सीईओ पर करीब 5600 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। नौहेरा शेख को अक्टूबर 2018 में गिरफ्तार किया गया था। प्रकरण की जांच एसएफआईओ और प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है।
Author: Chautha Prahari
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