प्रदेश में 30 हजार विद्युत सखियां पंजीकृत, 15 हजार से अधिक महिलाएं फील्ड में सक्रिय; हजारों महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर
लखनऊ, 05 मार्च। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तीकरण की दिशा में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘विद्युत सखी योजना’ ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया अध्याय लिख रही है।

इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बिजली बिल कलेक्शन का कार्य सौंपा गया है। इन महिलाओं को ‘विद्युत सखी’ के नाम से जाना जाता है। अपनी मेहनत और लगन के दम पर इन महिलाओं ने अब तक 3,250 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल कलेक्शन कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है।
प्रदेश में अब तक करीब 30 हजार महिलाओं को विद्युत सखी के रूप में पंजीकृत किया जा चुका है। इनमें से 15 हजार से अधिक महिलाएं सक्रिय रूप से फील्ड में तैनात होकर घर-घर जाकर बिजली बिल जमा करवा रही हैं। शेष महिलाओं को प्रशिक्षण और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द ही इस कार्य में शामिल किया जाएगा।
महिलाओं के लिए सम्मानजनक आय का साधन
‘विद्युत सखी योजना’ ग्रामीण महिलाओं के लिए सम्मानजनक आय का मजबूत जरिया बनकर उभरी है। इस योजना के तहत दो हजार रुपये तक के बिजली बिल कलेक्शन पर 20 रुपये का कमीशन दिया जाता है, जबकि दो हजार रुपये से अधिक के बिल पर एक प्रतिशत कमीशन मिलता है।
इस व्यवस्था के कारण आज ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और कई ‘दीदियां’ लखपति भी बन चुकी हैं।
उपभोक्ताओं को सुविधा, महिलाओं को रोजगार
इस योजना का लाभ सिर्फ महिलाओं को ही नहीं बल्कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी मिल रहा है। पहले जहां बिजली बिल जमा करने के लिए लोगों को लंबी लाइनों में लगना पड़ता था, वहीं अब घर के पास ही बिल जमा करने की सुविधा मिल रही है।
इस पहल ने जहां एक ओर ग्रामीण उपभोक्ताओं की सुविधा बढ़ाई है, वहीं दूसरी ओर हजारों महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का रास्ता भी खोल दिया है।
👤 रिपोर्टर
रिपोर्ट: विनय प्रकाश सिंह
Author: Chautha Prahari
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