असम से पीएम मोदी करेंगे ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ की 22वीं किस्त जारी, यूपी के 2.15 करोड़ किसानों को मिलेंगे 4335 करोड़ रुपये
लखनऊ, 12 मार्च। केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi असम से देशभर के किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे।

इस किस्त के तहत उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसानों को बड़ा लाभ मिलने जा रहा है। किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे 4335.11 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे।
राज्य सरकार के अनुसार, योजना की शुरुआत से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश के किसानों को 21वीं किस्त तक कुल 94,668.58 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा चुकी है। शुक्रवार को जारी होने वाली राशि के बाद प्रदेश के किसानों को मिलने वाली कुल सहायता 99,003.69 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।
किसानों को सालाना मिलती है 6000 रुपये की सहायता
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को हर वर्ष 6000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि किसानों के खातों में तीन बराबर किस्तों में सीधे भेजी जाती है।
इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देकर खेती के कार्यों में मदद करना और उनकी आय में स्थिरता लाना है।
पहले भी कई बार जारी हो चुकी है किस्त
इससे पहले प्रधानमंत्री 19 नवंबर 2025 को तमिलनाडु के कोयम्बटूर से योजना की पिछली किस्त जारी कर चुके हैं। तब भी लाखों किसानों को सीधे बैंक खातों में सहायता राशि मिली थी।
केंद्र सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से देश के करोड़ों किसानों को सीधे आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
यूपी के किसानों को अब तक मिली धनराशि
वर्ष
धनराशि
2018-19
2238.92 करोड़
2019-20
11006.87 करोड़
2020-21
14432.14 करोड़
2021-22
15775.52 करोड़
2022-23
12454.32 करोड़
2023-24
13808.48 करोड़
2024-25
15594.74 करोड़
2025-26 (अप्रैल-जुलाई)
5043.33 करोड़
2025-26 (अगस्त-नवंबर)
4314.26 करोड़
2025-26 (दिसंबर-मार्च)
4335.11 करोड़
कुल: 99,003.69 करोड़ रुपये
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
योजना के तहत धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसानों को किसी प्रकार की मध्यस्थता का सामना नहीं करना पड़ता।
सरकार का दावा है कि यह योजना किसानों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने और खेती को टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Author: Chautha Prahari
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