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गोवध मुद्दे पर बोलीं रीना एन सिंह—पहले केरल और बंगाल में हो आंदोलन, यूपी में पहले से प्रतिबंध

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केरल-बंगाल जैसे राज्यों में खुलेआम हो रही गोमांस बिक्री पर हो आंदोलन: रीना एन सिंह

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता Reena N Singh ने गोवध के मुद्दे पर कहा है कि देश के अलग-अलग राज्यों में गाय को लेकर अलग-अलग कानून लागू हैं और यह विषय राजनीति का नहीं बल्कि आस्था और संरक्षण का विषय है।
गाय को राष्ट्र जननी घोषित करने के लिए देशभर में अभियान चला रहीं तथा कई गौशालाओं का संचालन कर रहीं रीना एन सिंह ने कहा कि कुछ संगठनों द्वारा उत्तर प्रदेश में गाय को राज्य माता का दर्जा देने को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है, जबकि इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन किए जाने की आवश्यकता है।

भारत में गौ संरक्षण अभियान का प्रतीकात्मक दृश्यगौशाला में गायों की देखभाल करते लोग
गौ संरक्षण से जुड़ा सामाजिक अभियान
भारतीय गौशाला में गायों का संरक्षण
सांकेतिक चिन्ह

रीना एन सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath की सरकार ने वर्ष 2020 से ही गोवध पर सख्त प्रतिबंध लगा रखा है और इस प्रकार के मामलों में कठोर कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं गौ संरक्षण के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं और गायों के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले उन राज्यों में आंदोलन होना चाहिए जहां गोवध को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, मिजोरम और मेघालय जैसे राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन राज्यों में खुलेआम बाजारों में गोमांस की बिक्री होती है और सरकारें इसे संरक्षण देती हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
रीना एन सिंह ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में गोमांस पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू है, तब केवल इसी राज्य में आंदोलन चलाना और फिर उसे यहीं समाप्त कर देना राजनीतिक कदम प्रतीत होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौ संरक्षण के क्षेत्र में जितना कार्य किया है, उतना उत्तर प्रदेश के इतिहास में अब तक किसी मुख्यमंत्री ने नहीं किया। इसके बावजूद उनके प्रयासों को नजरअंदाज कर लगातार उन्हें निशाने पर लेना दुर्भाग्यपूर्ण है।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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