सरकारी योजना का सही इस्तेमाल कर युवक बना रोजगारदाता, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी बढ़ाया कारोबार
लखनऊ, 01 अप्रैल। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य साफ है कि युवा केवल नौकरी ढूंढने वाले न बनें, बल्कि खुद का व्यवसाय शुरू कर दूसरों को भी रोजगार दें। इसी दिशा में चलाई जा रही योजनाएं अब जमीन पर असर दिखा रही हैं।
ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी लखीमपुर खीरी के सिविल लाइन्स निवासी उमंग शुक्ला की है, जिन्होंने ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ का लाभ उठाकर न सिर्फ अपना व्यवसाय शुरू किया, बल्कि आज वे एक सफल उद्यमी बन चुके हैं।
उमंग शुक्ला ने नवंबर 2025 में जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस आर्थिक सहयोग ने उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने इस राशि से सरसों तेल की आयल मिल स्थापित की और आज उनका व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ रहा है।

वर्तमान में उमंग की आयल मिल में प्रतिदिन 10 से 15 क्विंटल सरसों की पेराई की जाती है। यहां तैयार होने वाला सरसों का तेल स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बेचा जा रहा है। डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर उन्होंने अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
उमंग शुक्ला का यह उद्योग न केवल उनकी आय का प्रमुख स्रोत बना है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का माध्यम बना है। उनकी आयल मिल में फिलहाल 5 लोगों को रोजगार मिला हुआ है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।
अगर उनकी आमदनी की बात करें तो वे हर महीने लगभग 500 से 600 लीटर सरसों तेल की बिक्री करते हैं। सभी खर्चों को निकालने के बाद उन्हें करीब 70 हजार रुपये की शुद्ध मासिक आय हो रही है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही योजना और मेहनत के साथ कोई भी युवा आत्मनिर्भर बन सकता है।
योजना से मिल रहा बड़ा अवसर
‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ आज उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बनकर उभरी है। इस योजना के तहत सरकार आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराती है, जिससे युवा अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत विनिर्माण क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र के व्यवसाय के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है।
यह ऋण प्लांट और मशीनरी, कच्चे माल की खरीद, कार्यशील पूंजी और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए उपयोग किया जा सकता है। इच्छुक युवा जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र से संपर्क कर इस योजना की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और आवेदन कर सकते हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा
उमंग शुक्ला की यह सफलता कहानी प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा है। यह दिखाती है कि अगर सही दिशा, योजना और मेहनत हो तो कोई भी युवा न केवल खुद को बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकता है।
योगी सरकार की यह पहल न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है। आने वाले समय में ऐसे और भी सफल उदाहरण देखने को मिल सकते हैं।
Author: Chautha Prahari
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