250 इलेक्ट्रिक-CNG वाहनों को फ्लैग ऑफ, लखनऊ को ‘क्लीन सिटी-ग्रीन सिटी’ बनाने की रफ्तार तेज
लखनऊ, 1 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में स्वच्छता अभियान को नई गति देते हुए 250 इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को हरी झंडी दिखाई। यह पहल शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने “राजनीतिक कचरा” हटाया, तभी उत्तर प्रदेश में विकास और स्वच्छता का नया दौर शुरू हुआ।

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में अंधेरा, असुरक्षा और गंदगी का माहौल था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय की सरकारों को विकास और रोशनी से ज्यादा अंधेरे की संस्कृति पसंद थी। लेकिन वर्तमान सरकार ने सत्ता संभालते ही 24 घंटे बिजली, बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग और आधुनिक सुविधाओं पर जोर दिया, जिससे प्रदेश की तस्वीर बदल गई।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले 9 वर्षों में लखनऊ ने स्वच्छता के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है और अब यह देश के टॉप-3 स्वच्छ शहरों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब सरकार का लक्ष्य ‘नेट जीरो’ की दिशा में आगे बढ़ना है, जिसके तहत प्रदूषण कम करना और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना प्रमुख प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि पहले शहरों में हैलोजन लाइटें होती थीं, जो न केवल अधिक बिजली खपत करती थीं बल्कि पर्याप्त रोशनी भी नहीं देती थीं। अब एलईडी स्ट्रीट लाइट्स के जरिए पूरे प्रदेश में “दूधिया रोशनी” की व्यवस्था की गई है, जिससे सुरक्षा और सुंदरता दोनों में सुधार हुआ है।
सीएम योगी ने कहा कि आज लखनऊ आने वाले लोग शहर की साफ-सफाई, रोशनी और सुव्यवस्थित विकास की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि शहर में मेट्रो सेवा, सड़कों का चौड़ीकरण, बेहतर जल निकासी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया है।
ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में भी प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य में 4.25 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, जिससे करीब 1500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया गया है और अब लखनऊ को भी उसी दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 7 शहरों में मेट्रो सेवा संचालित हो रही है और लखनऊ में रोजाना करीब एक लाख लोग मेट्रो से सफर करते हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि लखनऊ अब इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग का एक उभरता केंद्र बन रहा है। अशोक लीलैंड की यूनिट पहले से संचालित है और 15 अप्रैल से टाटा की यूनिट में भी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण शुरू हो जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि पहले कूड़ा प्रबंधन की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण डेंगू, मलेरिया और इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियां फैलती थीं। लेकिन अब डोर-टू-डोर कलेक्शन और आधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए इन समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है।
उन्होंने गोमती नदी के पुनरुद्धार और कुकरैल क्षेत्र में ‘सौमित्र वन’ के विकास का भी उल्लेख किया, जिसे अब शहर की नई पहचान माना जा रहा है।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ को क्लीन सिटी और ग्रीन सिटी बनाने का लक्ष्य अब तेजी से पूरा किया जा रहा है और आने वाले समय में यह शहर देश के सबसे आधुनिक और स्वच्छ शहरों में शुमार होगा।
Author: Chautha Prahari
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