लखनऊ, 30 अप्रैल। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही शादी अनुदान योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। खासकर ओबीसी वर्ग की बेटियों की शादी में सरकार आर्थिक मदद देकर सहारा दे रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 1 लाख से ज्यादा बेटियों को मदद दी गई है। इसका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का बोझ कम करना है।

राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 1,16,000 से अधिक लाभार्थियों को योजना का फायदा मिला है। इसके लिए करीब 232 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह दिखाता है कि योजना बड़े स्तर पर लागू हो रही है और जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रही है।
इस योजना के तहत हर पात्र परिवार को बेटी की शादी के लिए 20,000 रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश कम होती है। योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनकी सालाना आय 1 लाख रुपये तक है। साथ ही लड़की की उम्र कम से कम 18 साल और लड़के की उम्र 21 साल होना जरूरी है। इससे बाल विवाह रोकने में भी मदद मिल रही है।
सरकार ने इस योजना में कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी है। विकलांग, विधवा, आपदा प्रभावित और भूमिहीन परिवारों को पहले मौका दिया जाता है। इससे समाज के सबसे जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंच रही है।
आवेदन प्रक्रिया भी आसान की गई है। योजना पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदन शादी की तारीख से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक किया जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में खंड विकास अधिकारी और शहरों में उपजिलाधिकारी द्वारा सत्यापन किया जाता है।
भुगतान के लिए पीएफएमएस सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पैसा सीधे खाते में जाता है और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है। जिला स्तर पर एक समिति भी बनाई गई है, जो लाभार्थियों का चयन करती है। इसमें प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी रहती है।
फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार प्रमाणीकरण भी अनिवार्य कर दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सही लोगों को ही योजना का लाभ मिले।
भविष्य पर प्रभाव:-यह योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत बनती दिख रही है। इससे बेटियों की शादी को लेकर आर्थिक दबाव कम हो रहा है। साथ ही पारदर्शी सिस्टम के कारण भरोसा भी बढ़ा है। आने वाले समय में अगर योजना का दायरा और बढ़ता है, तो यह समाज के कमजोर वर्गों के लिए और मजबूत सहारा बन सकती है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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