लखनऊ, 30 अप्रैल। उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में गुरुवार को महिला सशक्तिकरण पर चर्चा के दौरान राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

तिवारी ने महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव के लोकसभा में पारित न हो पाने पर खेद जताया और कहा कि देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने के लिए यह कदम जरूरी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं से महिलाओं के जीवन में बदलाव आया है। उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला योजना और स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक स्तर पर मजबूती मिली है।
मंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह की भागीदारी उच्च स्तर की संस्थाओं में भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
तिवारी के अनुसार, महिलाओं में अपने अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ी है और वे अब निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है और इसे आगे बढ़ाना जरूरी है।
संभावित प्रभाव
विधानसभा में हुई इस चर्चा के बाद महिला आरक्षण का मुद्दा आगे भी उठने की संभावना है। राजनीतिक दलों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का दबाव बढ़ सकता है। इससे नीति निर्माण में महिलाओं की भूमिका मजबूत होने की उम्मीद है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854





