योगी सरकार ने कानून व्यवस्था को लेकर पेश किए आंकड़े
लखनऊ, 08मई(चौथा प्रहरी)। योगी सरकार ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में बड़े दंगे नहीं हुए और फिरौती के लिए अपहरण जैसी घटनाओं पर भी प्रभावी रोक लगी है। सरकार ने एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में वर्ष 2023 और 2024 दोनों में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य रही।

सरकार के मुताबिक, वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में हर दिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं दर्ज होती थीं। उस समय पांच वर्षों में 25 हजार से अधिक दंगे हुए थे। वहीं अब कानून व्यवस्था में सुधार का दावा किया जा रहा है।
दंगा भड़काने की कोशिशों पर समय रहते कार्रवाई
प्रेस नोट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में कुछ जगहों पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश जरूर हुई, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई कर हालात को काबू में रखा। सरकार का कहना है कि दंगा भड़काने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए और उन्हें जेल भेजा गया।
एनसीआरबी 2024 रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। सरकार ने इसे कानून व्यवस्था में सुधार का संकेत बताया है।
अपहरण और संगठित अपराध पर सख्ती
सरकार ने कहा कि संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई। गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, अवैध संपत्तियों की जब्ती और अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने जैसे कदम उठाए गए।
इसी का असर यह रहा कि फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में उत्तर प्रदेश की स्थिति अन्य कई राज्यों से बेहतर बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार नगालैंड में इस अपराध की दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 दर्ज की गई, जबकि यूपी में यह आंकड़ा शून्य रहा।
पहले कानून व्यवस्था पर उठते थे सवाल
प्रेस नोट में कहा गया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। उस दौरान दंगे, अपहरण और फिरौती जैसी घटनाएं आम चर्चा का विषय बनी रहती थीं।
सरकार ने दावा किया कि मौजूदा समय में पुलिसिंग को अधिक सक्रिय बनाया गया है और संवेदनशील मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath भी कई मंचों से “नो कर्फ्यू-नो दंगा, यूपी में सब चंगा” का संदेश देते रहे हैं।
आगे क्या असर पड़ेगा
जानकार मानते हैं कि अगर अपराध और दंगों पर इसी तरह नियंत्रण बना रहा तो इसका असर निवेश, व्यापार और रोजगार पर भी दिखाई देगा। बेहतर कानून व्यवस्था से उद्योगों और कारोबारियों का भरोसा बढ़ सकता है। साथ ही आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होने की उम्मीद है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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