लखनऊ,07मई(चौथा प्रहरी)पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वर्ष 2024 रिपोर्ट उत्तर प्रदेश की मजबूत कानून-व्यवस्था की पुष्टि करती है। उन्होंने बताया कि जहां राष्ट्रीय क्राइम रेट 252.3 है, वहीं उत्तर प्रदेश का क्राइम रेट 180.2 दर्ज किया गया है। डीजीपी के मुताबिक यह अंतर बताता है कि राज्य में अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार काम हुआ है और उसका असर जमीन पर दिखाई दे रहा है।

डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अब सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका असर प्रदेश की कानून-व्यवस्था में साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर लगातार काम किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में आधुनिक पुलिस स्टेशन बनाए गए, एंटी-रोमियो स्क्वॉड को सक्रिय किया गया और हर थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई। इसके अलावा कमजोर वर्गों को जल्दी न्याय दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की गई और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। डीजीपी के अनुसार इन कदमों ने प्रदेश में कानून का भरोसा मजबूत किया है।
राजीव कृष्ण ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कोई भी व्यक्ति बिना डर के थाने जाकर शिकायत दर्ज करा सकता है। पुलिस डिजिटल माध्यमों पर मिलने वाली शिकायतों का भी संज्ञान ले रही है। उन्होंने कहा कि छोटी से छोटी शिकायत को भी गंभीरता से लिया जाता है और जरूरत पड़ने पर उसे एफआईआर में बदला जाता है। उनके मुताबिक ज्यादा पंजीकरण इस बात का संकेत है कि पुलिस व्यवस्था पहले से ज्यादा संवेदनशील और पारदर्शी हुई है।
डीजीपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें आम लोगों को आसानी से न्याय और सुरक्षा मिल सके। उन्होंने दावा किया कि एनसीआरबी के आंकड़े इसी बदलाव की गवाही दे रहे हैं।
आने वाले समय में सरकार और पुलिस प्रशासन की कोशिश रहेगी कि तकनीक, निगरानी और त्वरित कार्रवाई के जरिए अपराध पर और प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। इससे निवेश, रोजगार और आम लोगों की सुरक्षा के माहौल को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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