बागपत,11 मई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath सोमवार को बागपत स्थित Shri Shiv Gorakhnath Ashram पहुंचे। यहां उन्होंने नवनाथों की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और आठमान भंडारा कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान सीएम योगी ने सनातन धर्म, भारत की सांस्कृतिक विरासत और देश की शक्ति को लेकर कई बड़े बयान दिए। उन्होंने कहा कि भारत के तीर्थस्थल दोबारा प्रतिष्ठा प्राप्त कर चुके हैं, लेकिन विदेशी आक्रांताओं के खानदान तक का आज कोई पता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म ने कभी किसी पर जबरन शासन नहीं किया और न ही किसी को गुलाम बनाया। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा विदेशी आक्रमणों का मुकाबला किया। जिन लोगों ने मंदिरों और तीर्थस्थलों को तोड़ने की कोशिश की, वे इतिहास से मिट गए, लेकिन भारत की आस्था आज भी जीवित है।

उन्होंने कहा कि “धर्मो रक्षति रक्षितः” का संदेश आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अगर धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म हमारी रक्षा करेगा। सीएम योगी ने कहा कि व्यक्तिगत नुकसान की भरपाई हो सकती है, लेकिन धर्म और संस्कृति को पहुंची क्षति का असर पीढ़ियों तक रहता है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्प्रतिष्ठा दिवस का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1951 में इसी दिन देश के पहले राष्ट्रपति Rajendra Prasad ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री Narendra Modi भी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से जुड़े कार्यक्रम में मौजूद रहे।
सीएम योगी ने पोखरण परमाणु परीक्षण का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee को याद किया। उन्होंने कहा कि 11 मई 1998 को भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर दुनिया को अपनी ताकत दिखाई थी। यह शक्ति सिर्फ भारत की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि विश्व कल्याण के लिए भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने बागपत के इतिहास को महाभारत काल से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि भगवान Krishna ने पांडवों के लिए कौरवों से जिन पांच गांवों की मांग की थी, उनमें बागपत भी शामिल था। उन्होंने आश्रम के विकास की सराहना करते हुए कहा कि कुछ साल पहले यह छोटा स्थान था, लेकिन अब इसे एक बड़े तीर्थ के रूप में विकसित किया गया है।
सीएम योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री Chaudhary Charan Singh का भी उल्लेख किया और कहा कि बागपत की धरती ने किसानों के मसीहा को जन्म दिया। उन्होंने राष्ट्रीय लोकदल और उसके नेताओं की भी सराहना की।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का पुनरुद्धार तेजी से हुआ है। उन्होंने Kashi Vishwanath Temple, Ram Mandir, Somnath Temple, Mahakaleshwar Jyotirlinga और Kedarnath Temple समेत कई धार्मिक स्थलों के पुनर्विकास कार्यों का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने महायोगी Guru Gorakhnath को याद करते हुए कहा कि उन्होंने धर्म और समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि योगी और संत सिर्फ मंदिरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि संकट के समय समाज के साथ खड़े हुए और विदेशी आक्रमणों का मुकाबला भी किया।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कई मंत्री, विधायक, संत और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी पहुंचे।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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