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पेट्रोल-डीजल बचाने पर यूपी सरकार का जोर, ई-वाहनों और बस सेवा को बढ़ावा देने की तैयारी

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लखनऊ,15मई(चौथा प्रहरी)। शुक्रवार को परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Dayashankar Singh ने विभाग को ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े निर्देश दिए। यह फैसला 11 मई 2026 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद लिया गया है। सरकार का मकसद बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के बीच पेट्रोल और डीजल की खपत कम करना और लोगों को सार्वजनिक परिवहन की ओर आकर्षित करना है।

मंत्री ने कहा कि अगले 12 महीनों के लिए रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट देने का प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसका फायदा खासतौर पर ई-वाहनों और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े वाहनों को मिलेगा। सरकार चाहती है कि लोग निजी वाहनों की जगह बसों और साझा परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करें।

ईंधन के बचाव को बढ़ावा देती इलेक्ट्रिक बसो का प्रतीकात्मक दृश्य
इसके साथ ही परिवहन विभाग और Uttar Pradesh State Road Transport Corporation को निर्देश दिए गए हैं कि पीक आवर्स में बसों के फेरे बढ़ाए जाएं। जिन सरकारी या निजी कार्यालयों में 500 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, वहां विशेष बस सेवाएं शुरू करने के लिए समन्वय किया जाएगा। इससे कर्मचारियों की निजी कारों पर निर्भरता कम करने की कोशिश होगी।
दयाशंकर सिंह ने ‘पूल कार’ व्यवस्था की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के पास जरूरत से ज्यादा उपलब्ध सरकारी वाहनों का आवंटन खत्म किया जाएगा। विभाग को पेट्रोल और डीजल के उपयोग में हर संभव कटौती करने के लिए कहा गया है।
ऊर्जा बचत को लेकर भी विभाग को कई निर्देश दिए गए हैं। सभी कार्यालयों और डिपो में रात 10 बजे के बाद अनावश्यक लाइटें बंद रखने को कहा गया है। एयर कंडीशनर का तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस पर तय करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि बिजली की खपत कम हो सके।
परिवहन मंत्री ने चंदौली मॉडल का अध्ययन कर गोबर गैस से ऊर्जा उत्पादन की योजना तैयार करने को भी कहा है। इसे रोडवेज डिपो और कार्यशालाओं में लागू करने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही रोडवेज कैंटीनों में आयातित खाद्य तेल का उपयोग कम करने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
सभी डिपो और कार्यालयों में PNG कनेक्शन की संभावनाओं की जांच करने के लिए भी कहा गया है। वहीं निर्माण कार्यों में आयातित बिटुमेन की जगह ‘बायो-बिटुमेन’ के उपयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
खर्चों में कटौती के तहत अगले छह महीने तक विभागीय अधिकारियों की सरकारी विदेश यात्राओं पर रोक लगा दी गई है। मुख्यालय से बाहर के अधिकारियों के साथ बैठकों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सरकार के इन फैसलों को आने वाले समय में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और ईंधन खर्च कम करने की बड़ी पहल माना जा रहा है। यदि योजनाएं जमीन पर सही तरीके से लागू होती हैं तो इससे न सिर्फ सरकारी खर्च घटेगा बल्कि प्रदूषण कम करने और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा देने में भी मदद मिल सकती है।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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