लखनऊ, 01(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने सोमवार को लखनऊ स्थित बापू भवन में पेट्रोलियम कंपनियों और विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की सुचारु आपूर्ति, पारदर्शी वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
बैठक के दौरान मंत्री ने नेपाल और बिहार सीमा से जुड़े जिलों में पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी तथा कालाबाजारी की शिकायतों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में वास्तविक उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम उत्पाद नहीं मिल रहे हैं। वहीं अधिक लाभ कमाने के लिए तेल को अन्य राज्यों या सीमावर्ती इलाकों में ऊंचे दामों पर बेचने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

मंत्री ने पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारियों को ऐसे मामलों की तत्काल जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि पेट्रोल पंपों पर जमाखोरी, कृत्रिम अभाव पैदा करना, घटतौली या उपभोक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए सभी जिलों में नियमित निरीक्षण अभियान चलाने को कहा गया है।
बैठक में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा हुई। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में प्रतिदिन लगभग 1500 नए पीएनजी कनेक्शन दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इस संख्या में और वृद्धि की जानी चाहिए। इसके लिए संबंधित कंपनियों को नेटवर्क विस्तार तेज करने और अधिक से अधिक घरों तक पीएनजी पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए भी सरकार ने कई अहम निर्देश जारी किए हैं। मंत्री ने कहा कि ई-केवाईसी के बिना किसी भी उपभोक्ता को गैस रिफिल नहीं दी जाए। साथ ही निर्धारित सत्यापन और आवश्यक अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी किए बिना रिफिलिंग नहीं की जानी चाहिए। उनका कहना था कि इससे फर्जी कनेक्शन, अवैध उपयोग और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने गैस एजेंसियों को पात्र उपभोक्ताओं तक शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने कहा कि आम लोगों को गैस वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए। सरकार की प्राथमिकता उपभोक्ताओं को पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद सेवा उपलब्ध कराना है।
बैठक के अंत में मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि उपभोक्ताओं के हितों के साथ खिलवाड़ करने वाले पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियां या संबंधित अधिकारी किसी भी हालत में बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जमाखोरी, कालाबाजारी, घटतौली और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
पेट्रोलियम विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के इस सख्त रुख से पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बेहतर होगी, कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा और उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही पीएनजी नेटवर्क के विस्तार से प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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