नई दिल्ली 8 जून,(चौथा प्रहरी)।केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती कर दी है। अब योजना के तहत पात्र परिवारों को साल में 9 की जगह केवल 4 सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर मिलेंगे। सरकार ने इस फैसले के पीछे बढ़ती गैस कीमतों और सब्सिडी पर बढ़ रहे वित्तीय बोझ को वजह बताया है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में गरीब और ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ ईंधन पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के शुरुआती दौर में लाभार्थियों को सालाना 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते थे। बाद में यह संख्या घटाकर 9 कर दी गई थी। अब नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को सिर्फ 4 सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
सरकार का कहना है कि यह फैसला परिवारों की औसत गैस खपत के आंकड़ों को ध्यान में रखकर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश परिवार पूरे साल में सीमित संख्या में ही गैस सिलेंडर का उपयोग करते हैं। इसी आधार पर सब्सिडी की संख्या को पुनर्निर्धारित किया गया है।
हालांकि इस फैसले का असर उन परिवारों पर पड़ सकता है जो घरेलू जरूरतों के लिए एलपीजी पर अधिक निर्भर हैं। ऐसे परिवारों को अब अतिरिक्त सिलेंडर बाजार कीमत पर खरीदने पड़ सकते हैं। इससे उनके मासिक और वार्षिक घरेलू खर्च में बढ़ोतरी की आशंका है।
उज्ज्वला योजना को ग्रामीण भारत में स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जाता है। इस योजना के जरिए करोड़ों परिवारों को धुएं वाले पारंपरिक ईंधन से राहत मिली है। लेकिन सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या में लगातार हो रही कमी को लेकर लाभार्थियों के बीच चिंता भी बढ़ सकती है।
आने वाले समय में इस फैसले का असर योजना के लाभार्थियों की गैस खपत और घरेलू बजट पर दिखाई दे सकता है। साथ ही यह भी देखने वाली बात होगी कि सरकार भविष्य में सब्सिडी व्यवस्था को लेकर कोई और बदलाव करती है या नहीं।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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