कानपुर,18 जून( चौथा प्रहरी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कानपुर में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए विकास प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति देकर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री ने एचबीटीयू परिसर स्थित संयुक्त आयुक्त कार्यालय के उद्योग सभागार में वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा की। इस दौरान कानपुर मंडल के छह जिलों—कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, इटावा, औरैया और फर्रुखाबाद—के जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की विकास जरूरतों से जुड़े प्रस्ताव रखे।
बैठक में बताया गया कि छह जिलों से कुल 11,724 करोड़ रुपये लागत की 1,374 परियोजनाओं के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें सबसे अधिक 5,523 करोड़ रुपये की 344 परियोजनाएं कानपुर नगर से भेजी गई हैं। कन्नौज से 2,058 करोड़ रुपये की 217 परियोजनाएं, फर्रुखाबाद से 2,016 करोड़ रुपये की 339 परियोजनाएं, कानपुर देहात से 1,581 करोड़ रुपये की 387 परियोजनाएं, औरैया से 439 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाएं और इटावा से 104 करोड़ रुपये की 54 परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक जरूरतों की बेहतर जानकारी होती है। इसलिए उनके सुझावों को प्राथमिकता के साथ संकलित कर शासन को भेजा जाए ताकि आवश्यक मंजूरी देकर कार्य जल्द शुरू कराया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्ग, छोटे-बड़े पुल, रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास, धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग, फ्लाईओवर तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने सड़कों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं से नियमों के अनुसार क्षतिपूर्ति वसूलने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता और उपयोगिता बनाए रखने के लिए प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
बैठक में पिछले वित्तीय वर्ष की परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कानपुर मंडल में 5,497 करोड़ रुपये की लागत वाली 2,301 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। इनमें से 1,242 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं जबकि बाकी परियोजनाओं पर काम जारी है।
मुख्यमंत्री ने उन मामलों पर सख्त रुख अपनाया जिनमें निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने संबंधित फर्मों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने, जरूरत पड़ने पर ब्लैकलिस्ट करने और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राकेश सचान, असीम अरुण, अजीत पाल, प्रतिभा शुक्ला, कैलाश सिंह राजपूत, सांसद रमेश अवस्थी तथा कई विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
भविष्य पर प्रभाव
कानपुर मंडल में प्रस्तावित 11,724 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिलने पर सड़क, पुल और संपर्क मार्गों का नेटवर्क मजबूत होगा। इससे आवागमन आसान होगा, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होगी। समयबद्ध क्रियान्वयन से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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