अयोध्या,19 जून(चौथा प्रहरी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या में 290 करोड़ रुपये से अधिक की 245 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। नगर निगम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने रामायण वैक्स म्यूजियम और जोनल कार्यालय भवन का भी उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या अब उपेक्षित और तिरस्कृत नहीं है, बल्कि देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था तथा विकास का केंद्र बन चुकी है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने पुराने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि लगभग 40 वर्ष पहले जब पहली बार अयोध्या आने का अवसर मिला था, तब यहां की स्थिति देखकर उन्हें पीड़ा हुई थी। उस समय रामजन्मभूमि आंदोलन का दौर था और पूरे क्षेत्र में संघर्ष और भय का माहौल दिखाई देता था। आज वही अयोध्या एक नए स्वरूप में दुनिया के सामने खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की पहचान अब केवल धार्मिक नगरी तक सीमित नहीं है। यह आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से भी तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अभी भी कई क्षेत्रों में काम होना बाकी है और सरकार अयोध्या के विकास के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही है।
स्वच्छता अभियान से बदली शहर की तस्वीर-सीएम योगी ने नगर निगम द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि 31 मई को महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी के नेतृत्व में चलाए गए विशेष स्वच्छता अभियान में हजारों लोगों ने भाग लिया था। इससे अयोध्या की सकारात्मक छवि देशभर में बनी।
उन्होंने कहा कि अयोध्या के नागरिक केवल एक शहर के निवासी नहीं हैं, बल्कि भगवान श्रीराम की जन्मस्थली के प्रतिनिधि हैं। इसलिए शहर की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
दीपोत्सव से बदली अयोध्या की पहचान-मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब उनकी सरकार बनी, तब अयोध्या की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी। संकरी गलियां, गंदगी, सीमित बिजली आपूर्ति और अव्यवस्थित व्यवस्थाएं लोगों की परेशानी का कारण थीं। इसके बाद सरकार ने दीपोत्सव जैसे आयोजनों की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि आज दीपोत्सव एक वैश्विक पहचान बन चुका है और इसमें लाखों लोग शामिल होते हैं। इससे अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिली है।
आधुनिक सुविधाओं से जुड़ी रामनगरी-मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या चारों दिशाओं से फोरलेन सड़कों से जुड़ चुकी है। रेलवे की डबल लाइन और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी सुविधाओं ने शहर की कनेक्टिविटी को मजबूत किया है। इससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने अयोध्या के विकास के लिए 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं और भविष्य में भी विकास कार्यों का सिलसिला जारी रहेगा।
नगर निगम के नवाचारों की सराहना-मुख्यमंत्री ने पीपीपी मॉडल पर बने रामायण वैक्स म्यूजियम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास शहर को नई पहचान देते हैं। उन्होंने रामायण वाटिका में आधुनिक तकनीक के उपयोग का सुझाव भी दिया ताकि वहां आने वाले लोगों को रामायण की चौपाइयों और प्रसंगों का अनुभव मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न नगर निगम अपने-अपने स्तर पर नए प्रयोग कर रहे हैं और अयोध्या भी इस दिशा में बेहतर काम कर रही है।
सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा की अपील-सीएम योगी ने लोगों से सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं का लाभ तभी लंबे समय तक मिलेगा जब लोग उनकी देखभाल में भी भागीदारी निभाएंगे।
साथ ही उन्होंने जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि बदलते मौसम और अल-नीनो के प्रभाव को देखते हुए जल बचाना जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री के आह्वान के तहत “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में भाग लेने और छायादार, फलदार तथा औषधीय पौधे लगाने की अपील की।
सफाई कर्मचारियों का सम्मान-कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली सफाई कर्मचारियों ललिता देवी, रागिनी और गीता देवी को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर अयोध्या के निर्माण में सफाई कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्त सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
अयोध्या में शुरू हुई नई विकास परियोजनाएं शहर की आधारभूत सुविधाओं को और मजबूत करेंगी। बेहतर यातायात, स्मार्ट सिटी सुविधाएं, पर्यटन ढांचा और सांस्कृतिक परियोजनाएं आने वाले वर्षों में अयोध्या को देश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्रों में और आगे ले जा सकती हैं। इससे स्थानीय रोजगार, व्यापार और निवेश के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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