Breaking News
UP NEWS: डिजिटल गवर्नेंस में यूपी परिवहन विभाग की बड़ी छलांग, 49 सेवाएं हुईं फेसलेस, आरटीओ के चक्कर घटे यूपी न्यूज: सेंट्रल बार एसोसिएशन चुनाव में उतरेगा कायस्थ रक्षा वाहिनी फाउंडेशन, बृजेश और विक्रम श्रीवास्तव की उम्मीदवारी घोषित यूपी न्यूज: अयोध्या अब उपेक्षा का नहीं, विकास और आस्था का प्रतीक: 290 करोड़ की 245 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास यूपी न्यूज: पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त कल जारी, यूपी के 2.17 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचेंगे 4352 करोड़ रुपये Ayodhya News:अयोध्या पहुंचे सीएम योगी, रामलला और हनुमानगढ़ी में किया दर्शन-पूजन, संतों से भी मिले यूपी न्यूज: उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन, परविंदर सिंह एडवोकेट बने अध्यक्ष
15 Best News Portal Development Company In India

UP NEWS: डिजिटल गवर्नेंस में यूपी परिवहन विभाग की बड़ी छलांग, 49 सेवाएं हुईं फेसलेस, आरटीओ के चक्कर घटे

SHARE:

ऑनलाइन परिवहन सेवाओं का उपयोग करते नागरिक और डिजिटल गवर्नेंस को दर्शाता प्रतीकात्मक दृश्य

लखनऊ, 20 जून(chautha Prahari)। उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग डिजिटल गवर्नेंस का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विभाग ने तकनीक का व्यापक उपयोग करते हुए अपनी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाया है। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, कर भुगतान और अन्य कई सेवाएं पहले की तुलना में तेज और आसान हो गई हैं।

ऑनलाइन परिवहन सेवाओं का उपयोग करते नागरिक और डिजिटल गवर्नेंस को दर्शाता प्रतीकात्मक दृश्य
परिवहन विभाग के अनुसार प्रदेश में इस समय 5 करोड़ 30 लाख 25 हजार 689 वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 34 लाख 76 हजार 928 वाणिज्यिक वाहन और 4 करोड़ 95 लाख 48 हजार 761 निजी वाहन शामिल हैं। इतने बड़े वाहन नेटवर्क का संचालन अब आधुनिक डिजिटल प्रणाली और वाहन-सारथी पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है।
वाहन पंजीकरण के मामले में लखनऊ का ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ प्रदेश में सबसे आगे है। यहां 32 लाख 49 हजार 911 वाहन पंजीकृत हैं। इसके बाद प्रयागराज, कानपुर नगर, आगरा और वाराणसी के आरटीओ कार्यालय प्रमुख स्थानों पर हैं। विभाग का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था के कारण रिकॉर्ड स्तर पर वाहन पंजीकरण और अन्य कार्यों का निष्पादन संभव हो रहा है।
ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अब तक 2.99 करोड़ से अधिक नए ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। इस सूची में लखनऊ आरटीओ सबसे आगे है, जहां 13.66 लाख से अधिक लाइसेंस जारी हुए हैं। इसके बाद गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर नगर और प्रयागराज का स्थान है।
व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के क्षेत्र में भी प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। अब तक 29 लाख 5 हजार 937 ट्रांसपोर्ट ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। इस श्रेणी में प्रयागराज, कानपुर नगर, गोरखपुर, जौनपुर और आजमगढ़ के आरटीओ कार्यालय अग्रणी रहे हैं।
परिवहन विभाग ने डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करते हुए अपनी 49 सेवाओं को फेसलेस और कॉन्टैक्टलेस मोड में उपलब्ध कराया है। वाहन और सारथी पोर्टल के माध्यम से नागरिक अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इससे आरटीओ कार्यालयों में जाने की जरूरत काफी कम हुई है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फेसलेस व्यवस्था लागू होने से समय की बचत हुई है, पारदर्शिता बढ़ी है और मानव हस्तक्षेप कम होने से सेवाएं अधिक प्रभावी बनी हैं। इससे भ्रष्टाचार की संभावनाओं में भी कमी आई है और आम लोगों को बेहतर सुविधा मिल रही है।
उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने कहा कि विभाग का उद्देश्य नागरिकों को कम समय में बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोग अब ऑनलाइन माध्यम से परिवहन सेवाओं का लाभ ले रहे हैं और यह डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
परिवहन विभाग की यह पहल आने वाले समय में प्रदेश में ई-गवर्नेंस को और मजबूत करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सेवाओं के डिजिटलीकरण से न केवल लोगों का समय बचेगा बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। इससे उत्तर प्रदेश डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854

best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई