लखनऊ,22 जून(चौथा प्रहरी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान मथुरा से आए एक बुजुर्ग की अतिक्रमण संबंधी शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी को तत्काल मौके पर जाकर जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया।
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी से मुलाकात की। उन्होंने लोगों के प्रार्थना पत्र लिए और उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए।

कार्यक्रम के दौरान मथुरा से आए एक वृद्ध ने मुख्यमंत्री को बताया कि गांव के चकरोड पर अतिक्रमण कर लिया गया है। स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारी को स्वयं मौके का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो तत्काल अतिक्रमण हटाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और विकास प्राधिकरण समेत सभी संबंधित विभागों को नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक भूमि और रास्तों पर अवैध कब्जे की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए।
जनता दर्शन में शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता, बिजली, पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। मुख्यमंत्री ने सभी फरियादियों को भरोसा दिलाया कि सरकार आम लोगों की मूलभूत जरूरतों और समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कोई भी नागरिक खुद को अकेला न समझे, सरकार हर परिस्थिति में उसके साथ खड़ी है।
भीषण गर्मी के बीच जनता दर्शन में पहुंचे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का मुख्यमंत्री ने हालचाल भी जाना। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेज धूप और गर्मी के दौरान बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और खानपान में सावधानी बरतें।
जनता दर्शन कार्यक्रम एक बार फिर सरकार और जनता के बीच सीधे संवाद का माध्यम बना। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद विभिन्न विभागों से जुड़ी लंबित शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। विशेष रूप से अतिक्रमण के मामलों में प्रशासन की जवाबदेही बढ़ेगी और लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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