लखनऊ,08जुलाई(चौथा प्रहरी)।उत्तर प्रदेश में बिजली से जुड़ी शिकायतों के समाधान को लेकर बिजली विभाग के जिम्मेदार जाग उठे हैं। इस जून महीने के आंकड़े सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के अनुसार, जून में दर्ज कुल शिकायतों में 98.62 प्रतिशत का निस्तारण किया गया। बिजली विभाग का कहना है कि बिजली आपूर्ति से संबंधित सभी शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया गया। बढ़ती बिजली मांग के बीच व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और फील्ड स्तर पर काम किया गया।

17 लाख से अधिक शिकायतों पर हुई कार्रवाई
जून के दौरान प्रदेश भर से करीब 17.47 लाख बिजली संबंधी शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 17.23 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया। सबसे अधिक शिकायतें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम क्षेत्र में दर्ज हुईं, जबकि अन्य सभी वितरण निगमों में भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया।
डिस्कॉमवार स्थिति इस प्रकार रही:
मध्यांचल (एमवीवीएनएल): 6.45 लाख से अधिक शिकायतें, 6.39 लाख से अधिक का समाधान।
पश्चिमांचल (पीवीवीएनएल): 3.94 लाख से अधिक शिकायतें, 3.89 लाख से अधिक का निस्तारण।
दक्षिणांचल (डीवीवीएनएल): 3.03 लाख से अधिक शिकायतें, 2.99 लाख से अधिक का समाधान।
पूर्वांचल (पीयूवीवीएनएल): 2.83 लाख शिकायतें, 2.77 लाख से अधिक का निस्तारण।
केस्को: 1.19 लाख से अधिक शिकायतें, 1.15 लाख से अधिक मामलों का समाधान।
24 घंटे निगरानी और फील्ड में सक्रिय रहीं टीमें
गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने के बावजूद यूपीपीसीएल ने कंट्रोल रूम और फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाई। तकनीकी टीमों ने दिन-रात लाइन, ट्रांसफॉर्मर और उपकेंद्रों की निगरानी की। संभावित खराबियों की पहले पहचान कर उन्हें ठीक करने पर भी जोर दिया गया, ताकि बड़े स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो।
हेल्पलाइन 1912 को और प्रभावी बनाने की तैयारी
ऊर्जा विभाग ने हेल्पलाइन 1912 पर आने वाली शिकायतों की निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि शिकायतों का तय समय में समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक के इस्तेमाल से हेल्पलाइन सेवा को और बेहतर बनाने की तैयारी भी की जा रही है।
आगे क्या असर होगा
यदि शिकायतों के समाधान की यही रफ्तार बनी रहती है तो उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा। एआई आधारित निगरानी और लगातार निरीक्षण से सेवा की गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद है। हालांकि, आने वाले महीनों में बढ़ती बिजली मांग के बीच इस प्रदर्शन को बनाए रखना विभाग के लिए बड़ी चुनौती रहेगा।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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