बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग, धार्मिक पर्यटन मार्ग, रिंग रोड, बाईपास और नए कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
लखनऊ,13 जुलाई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग और बड़ी सड़क परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने समीक्षा बैठक की। बैठक में लंबित परियोजनाओं, नए प्रस्तावों, भूमि अधिग्रहण, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों सरकारों ने तय किया कि सभी अहम परियोजनाओं को तय समय के भीतर पूरा करने के लिए समन्वय और तेज किया जाएगा। जिससे की आवागमन तेज होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को और गति मिल सके।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। इस दौरान 10 हजार किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं मंजूर हुईं और अधिकांश सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इन परियोजनाओं पर करीब 1.94 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि इससे प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क संपर्क पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है।
समीक्षा के दौरान मथुरा-बरेली-सितारगंज, आगरा-अलीगढ़, कानपुर रिंग रोड, जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, मुरादाबाद-काशीपुर, सोनौली-गोरखपुर, प्रयागराज रिंग रोड और अयोध्या रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। इन परियोजनाओं के पूरा होने से पश्चिमी, पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
बैठक में अयोध्या, चित्रकूट और अन्य धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले रामवन गमन मार्ग, राम जानकी मार्ग और 84 कोसी परिक्रमा मार्ग की भी समीक्षा हुई। सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय कारोबार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
भविष्य की योजनाओं में शामली से गोरखपुर तक प्रस्तावित लगभग 742 किलोमीटर लंबे नए एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे, अयोध्या-गोंडा मार्ग और रीवा-रांची हाईवे पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर, नए पुलों, रिंग रोड और कई बाईपास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
बैठक में सड़क सुरक्षा को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नई सड़कें बनने के साथ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ब्लैक स्पॉट सुधार, बेहतर संकेतक और सुरक्षित डिजाइन पर बराबर ध्यान देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जहां संभव हो, पेड़ों की कटाई के बजाय आधुनिक तकनीक से उनका प्रत्यारोपण किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और अन्य लंबित प्रक्रियाएं तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्य में देरी न हो।
आगे क्या असर होगा-अगर प्रस्तावित परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं तो उत्तर प्रदेश में माल परिवहन तेज होगा, यात्रा का समय घटेगा और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिल सकता है। धार्मिक पर्यटन वाले शहरों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय व्यापार और रोजगार पर भी सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है। साथ ही नए सड़क नेटवर्क से प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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