शिक्षा, शोध और प्रशासन में महिलाओं का बढ़ता योगदान: कृषि विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आठ ग्रामीण महिलाएं सम्मानित
अयोध्या, 8 मार्च। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। “अवसर से प्राप्ति” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, शोध, प्रशासन और उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय से जुड़ी महिला शिक्षकों, छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्रामीण महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. साधना सिंह द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज की महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, शोध और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए मिलने वाले हर अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ग्रामीण महिलाओं को शिक्षा, कौशल और उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने हाल ही में आयोजित उत्तर प्रदेश पीसीएस परीक्षा में अग्रणी स्थान प्राप्त करने वाली महिलाओं और फेलोशिप हासिल करने पर डॉ. मीनल और डॉ. सुधा को बधाई देते हुए इसे महिला सशक्तिकरण का सकारात्मक संकेत बताया।
सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. साधना सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का उद्देश्य लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक तथा राजनीतिक उपलब्धियों का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि यह दिन महिलाओं के प्रति भेदभाव को समाप्त करने, उन्हें सशक्त बनाने और शिक्षा व अधिकारों के प्रति जागरूक करने का अवसर भी प्रदान करता है।
कार्यक्रम में कृषि अधिष्ठाता डॉ. प्रतिभा सिंह ने महिलाओं को धैर्य और आत्मविश्वास के साथ समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत के दम पर हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।
अतिथि वक्ता के रूप में उपस्थित स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति सिंह ने महिला स्वास्थ्य पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि महिलाओं की प्रगति के लिए उनका स्वस्थ शरीर बेहद जरूरी है। उन्होंने महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
इस अवसर पर सीडीपीओ डॉ. अनीता सोनकर ने कहा कि महिलाओं को शिक्षा और कौशल से जोड़ना समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है।
कार्यक्रम के दौरान उद्यमिता और उत्कृष्ट कार्यों के लिए आठ ग्रामीण महिलाओं को फलदार वृक्ष देकर सम्मानित किया गया, जो उनके आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल मानी जा रही है।
कार्यक्रम के अंत में महिला अध्ययन केंद्र की विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम सिंह ने सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. तृप्ति वर्मा ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाता, निदेशक, शिक्षक, लगभग 200 महिलाएं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की।
Author: Chautha Prahari
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