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यूपी में 1-15 अप्रैल तक स्कूली वाहनों पर विशेष अभियान, 15 साल पुराने वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध

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UP transport department checking school buses

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग बड़ा कदम उठाने जा रहा है। प्रदेशभर में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर अवैध और खटारा स्कूली वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान 15 साल से अधिक पुराने स्कूली वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।

UP transport department checking school buses
सांकेतिक चित्र

परिवहन विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अभियान के दौरान स्कूलों में चल रहे वैन, बस और अन्य वाहनों की गहन जांच की जाएगी। जिन वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होगा या जो अवैध रूप से संचालित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
यह फैसला हाल ही में आगरा में हुई एक दर्दनाक घटना के बाद लिया गया है, जिसमें एक छात्रा की स्कूल वैन से गिरकर मौत हो गई थी। इस घटना ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद परिवहन विभाग ने पूरे प्रदेश में जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों के अनुसार, सभी जिलों के परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र के स्कूलों से संचालित सभी वाहनों की विस्तृत सूची प्राप्त करें। इसके साथ ही इन वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाएगी।
अभियान के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि स्कूली वाहनों में सरकार द्वारा तय किए गए सभी सुरक्षा मानकों का पालन हो। इनमें वाहन का पीला रंग, स्कूल का नाम स्पष्ट रूप से लिखा होना, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र और प्रशिक्षित चालक-परिचालक की व्यवस्था शामिल है।
परिवहन विभाग ने साफ कहा है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन स्कूलों या वाहन संचालकों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाएगा, उनके खिलाफ चालान, वाहन सीज करने और परमिट निरस्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधनों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां चल रहे वाहनों की नियमित जांच कराएं और यह सुनिश्चित करें कि हर वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संचालित हो। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को भेजने से पहले वाहन की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दें।
अधिकारियों का कहना है कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रदेश सरकार चाहती है कि किसी भी छात्र या छात्रा को असुरक्षित वाहनों के कारण दुर्घटना का सामना न करना पड़े।
परिवहन विभाग के मुताबिक अभियान के दौरान जिलों में विशेष चेकिंग टीम गठित की जाएंगी, जो स्कूलों के बाहर और प्रमुख मार्गों पर स्कूली वाहनों की जांच करेंगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में इस अभियान से उम्मीद की जा रही है कि अवैध और जर्जर स्कूली वाहनों पर रोक लगेगी और बच्चों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था मजबूत होगी।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

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