अयोध्या, 18 मार्च। Droupadi Murmu के 19 मार्च को प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की Yogi Adityanath सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन होने वाला यह दौरा धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान राष्ट्रपति श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी और वैदिक अनुष्ठानों में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी।
यह अवसर राम मंदिर के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला माना जा रहा है, क्योंकि श्रीराम यंत्र की स्थापना मंदिर के द्वितीय तल पर की जाएगी, जिसे वास्तुशास्त्र और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र स्थान माना जाता है। इस आयोजन से अयोध्या की वैश्विक धार्मिक पहचान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के व्यक्तिगत निर्देशन में अयोध्या को स्वच्छ, सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि राष्ट्रपति के साथ-साथ लाखों श्रद्धालुओं को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
नगर निगम द्वारा पूरे शहर में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सड़कों की नियमित सफाई के लिए आधुनिक स्वीपिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, वहीं सरयू घाटों की जेटिंग मशीनों से गहन धुलाई की जा रही है। प्रमुख स्थानों जैसे एयरपोर्ट अंडरपास, महोवरा अंडरपास, साकेत पेट्रोल पंप अंडरपास और अयोध्या धाम मेला क्षेत्र में हाईटेक सफाई व्यवस्था लागू की गई है।
धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे वातावरण स्वच्छ बना रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। नगर निगम क्षेत्र में 81 वाटर कूलर और 25 वाटर कियोस्क स्थापित किए गए हैं, जो 24 घंटे शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएंगे। इसके अतिरिक्त, सांस्कृतिक और भंडारा स्थलों पर वाटर टैंकर भी तैनात किए गए हैं।
आवारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो सड़कों से गोवंश को हटाकर गोशालाओं तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। साथ ही, फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान भी तेज किया गया है, जिससे पैदल यात्रियों को सुगम आवागमन मिल सके।
धार्मिक स्थलों जैसे नागेश्वर नाथ मंदिर और हनुमानगढ़ी के आसपास विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। भंडारा स्थलों पर डस्टबिन की पर्याप्त व्यवस्था और नियमित सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसके साथ ही, अयोध्या को पॉलीथीन मुक्त बनाने के लिए जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
शहर की प्रकाश व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। संत तुलसीदास घाट और सरयू स्नान घाट सहित विभिन्न स्थानों पर विशेष लाइटिंग की गई है, जिससे रात्रि के समय भी क्षेत्र सुरक्षित और आकर्षक दिखाई दे। राष्ट्रपति के प्रस्तावित मार्गों पर लगभग 500 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो लगातार सफाई व्यवस्था बनाए रखेंगे।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि यह दौरा अयोध्या की भव्यता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। वहीं, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया गया है, जिसमें सफाई, फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है।
करीब साढ़े आठ किलोमीटर लंबे मार्ग को फूलों और हरियाली से सजाया गया है। स्वागत के लिए खड़े होने वाले बच्चों और श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि देशभर से आने वाले श्रद्धालु अयोध्या की आध्यात्मिकता के साथ-साथ विकास और स्वच्छता का भी अनुभव करें।
यह दौरा न केवल एक आधिकारिक कार्यक्रम है, बल्कि अयोध्या के धार्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक भी बनता जा रहा है।
Author: Chautha Prahari
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