अयोध्या/लखनऊ, 19 मार्च। चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की भव्य प्रतिष्ठापना संपन्न हुई। इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक संत-महात्मा, गणमान्य व्यक्ति और हजारों श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को भारतीय नवसंवत्सर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अयोध्या धाम सदियों से आस्था का केंद्र रहा है। उन्होंने सरयू नदी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पवित्र धारा पूरे क्षेत्र को दिव्यता प्रदान करती है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि जहां एक ओर दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और अशांति का माहौल है, वहीं अयोध्या में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना जैसे पावन आयोजन में शामिल होना ‘रामराज्य’ की अनुभूति कराता है। उन्होंने कहा कि यह भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने बदलती सामाजिक प्रवृत्तियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “अब नई पीढ़ी नववर्ष के अवसर पर ऐसे स्थानों पर नहीं जाती जहां सनातन संस्कृति का विरोध होता है, बल्कि वे अपने परिवार के साथ मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करना पसंद करते हैं।” उनके इस बयान को सांस्कृतिक जागरूकता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों ने वर्षों तक राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा-वृंदावन जैसे आस्था के केंद्रों को अंधविश्वास बताकर अपमानित किया। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी नोएडा जाने से कतराते थे, वे इसे अंधविश्वास नहीं मानते थे, लेकिन धार्मिक आस्था को निशाना बनाते थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 500 वर्षों तक चले संघर्ष के बाद भी आस्था न तो रुकी, न झुकी और न ही समाप्त हुई।
उन्होंने आगे कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आज भारत के ‘राष्ट्र मंदिर’ का प्रतीक बन चुका है और यह रामराज्य की आधारशिला है। यह मंदिर न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक भी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक धार्मिक स्थलों पर पहुंचे। अयोध्या, काशी, प्रयागराज महाकुंभ और मथुरा-वृंदावन में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई देशों की कुल आबादी से भी अधिक है। यह आंकड़ा उत्तर प्रदेश की बढ़ती धार्मिक और पर्यटन महत्ता को दर्शाता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन में योगदान देने वाले संतों, रामभक्तों, कारीगरों और श्रमिकों का अभिनंदन किया। उन्होंने बलिदान देने वाले रामभक्तों और दिवंगत विहिप नेता अशोक सिंहल को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया।
समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मां अमृतानंदमयी (अम्मा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, ट्रस्ट के सदस्य और मंदिर निर्माण से जुड़े कारीगरों के परिवारजन भी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
Author: Chautha Prahari
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