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योगी सरकार का बड़ा फैसला: यूपी में बनेंगी 5 नई हाईटेक फॉरेंसिक लैब्स, अपराध जांच होगी और तेज

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उत्तर प्रदेश में नई फॉरेंसिक लैब में जांच करते वैज्ञानिक” का सांकेतिक दृश्य

लखनऊ, 19 मार्च।उत्तर प्रदेश में अपराध के बदलते स्वरूप से निपटने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (UPSIFS) में पांच नई हाईटेक लैब्स स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन लैब्स के जरिए न केवल अपराधों की जांच में तेजी आएगी, बल्कि साक्ष्य विश्लेषण की क्षमता भी काफी मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्थापित की जाने वाली इन नई लैब्स में क्वांटम कंप्यूटिंग लैब, चैलेंज्ड ऑडियो-वीडियो लैब, 3-डी प्रिंटिंग लैब, एससीएडीए लैब और डिजिटल फॉरेंसिक लैब शामिल हैं। इन सभी लैब्स का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के जरिए अपराध जांच को और अधिक प्रभावी बनाना है।
यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज के निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी के अनुसार, मुख्यमंत्री लगातार आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रहे हैं। इसी दिशा में इन नई लैब्स की स्थापना की तैयारी तेजी से चल रही है। खासतौर पर क्वांटम कंप्यूटिंग लैब जटिल डाटा एनालिसिस और एन्क्रिप्शन से जुड़े मामलों को तेजी और सटीकता से हल करने में मदद करेगी, जो साइबर अपराधों की जांच में बेहद उपयोगी साबित होगी।
चैलेंज्ड ऑडियो-वीडियो लैब भी जांच एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण साबित होगी। इस लैब के माध्यम से खराब गुणवत्ता वाले ऑडियो और वीडियो को स्पष्ट किया जा सकेगा, जिससे उन्हें अदालत में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करना आसान होगा।
इसके अलावा 3-डी प्रिंटिंग लैब अपराध स्थलों के मॉडल तैयार करने में मदद करेगी। इससे घटनाओं का रीक्रिएशन संभव होगा और जांच एजेंसियां केस को बेहतर तरीके से समझ सकेंगी। अदालत में भी इन मॉडलों के जरिए घटनाक्रम को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया जा सकेगा।
आईटी और ओटी सुरक्षा के लिए स्थापित की जाने वाली एससीएडीए लैब औद्योगिक संस्थानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर होने वाले साइबर हमलों की जांच में अहम भूमिका निभाएगी। वहीं डिजिटल फॉरेंसिक लैब मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों से डाटा रिकवरी और विश्लेषण की क्षमता को बढ़ाएगी। इससे साइबर क्राइम, वित्तीय धोखाधड़ी और तकनीकी अपराधों की जांच और अधिक प्रभावी हो सकेगी।
गौरतलब है कि वर्तमान में संस्थान में पहले से ही एडवांस्ड साइबर फॉरेंसिक, डीएनए प्रोफाइलिंग, एआई-ड्रोन एंड रोबोटिक्स, डॉक्यूमेंट एग्जामिनेशन और इंस्ट्रूमेंटेशन जैसी आधुनिक लैब्स संचालित हैं। नई लैब्स जुड़ने से संस्थान की क्षमता और भी मजबूत हो जाएगी।
योगी सरकार प्रदेश में फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत कर रही है। पुलिस और जांच एजेंसियों को वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने और उनका विश्लेषण करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
नई लैब्स के शुरू होने से न केवल मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी, बल्कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने में भी मदद मिलेगी। इससे प्रदेश की कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी और अपराधियों में डर का माहौल बनेगा।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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