लखनऊ, 20 मार्च। उत्तर प्रदेश में अमोनिया गैस आपूर्ति संकट के त्वरित समाधान के बाद शीतगृह संचालक संघ ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रति आभार व्यक्त किया है। संघ के प्रतिनिधियों ने इस फैसले को किसानों और शीतगृह उद्योग के लिए बड़ी राहत बताते हुए केंद्र सरकार की तत्परता की सराहना की।

इस अवसर पर शीतगृह संचालक संघ के पदाधिकारी प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Dinesh Pratap Singh के आवास पहुंचे। जहां उन्होंने नवरात्रि के पावन अवसर पर मां भगवती की प्रतिमा भेंट कर सम्मान प्रकट किया। यह भेंट प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय मंत्री Jagat Prakash Nadda के प्रति कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में दी गई।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार के समयबद्ध और प्रभावी हस्तक्षेप से प्रदेश के करोड़ों किसानों की आजीविका को एक बड़े संकट से बचाया जा सका है। उन्होंने नवरात्रि के अवसर पर मां भगवती से प्रार्थना की कि प्रधानमंत्री को और अधिक शक्ति प्रदान करें, ताकि वे देश और किसानों के हित में इसी प्रकार निरंतर कार्य करते रहें।
शीतगृह संचालक संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार, बीते दिनों अमोनिया गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण प्रदेश के शीतगृहों में कूलिंग व्यवस्था पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था। आलू जैसी शीघ्र खराब होने वाली फसल के लिए अमोनिया गैस अत्यंत आवश्यक होती है। यदि समय रहते आपूर्ति बहाल नहीं होती, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता था।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने त्वरित निर्णय लेते हुए मात्र दो दिनों के भीतर उर्वरक कंपनियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। इसके परिणामस्वरूप अमोनिया गैस की आपूर्ति पुनः सुचारू हो गई और शीतगृहों में भंडारित आलू की फसल सुरक्षित रह सकी।
राज्यमंत्री Dinesh Pratap Singh ने इस अवसर पर कहा कि अमोनिया गैस की निर्बाध आपूर्ति बहाल होना प्रधानमंत्री की किसानों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार किसानों और शीतगृह संचालकों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
संघ की उपाध्यक्ष तृप्ति सिंह सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी केंद्र सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे किसानों का सरकार पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि समय पर लिए गए निर्णयों से ही कृषि क्षेत्र को स्थिरता और सुरक्षा मिल सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि केंद्र और राज्य सरकारें किसानों के हितों की रक्षा के लिए गंभीर और संवेदनशील हैं। अमोनिया गैस संकट का त्वरित समाधान न केवल शीतगृह उद्योग के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि इससे प्रदेश के लाखों आलू उत्पादक किसानों की मेहनत भी सुरक्षित हो सकी है।
Author: Chautha Prahari
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