लखनऊ, 23 मार्च।
उत्तर प्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं खरीद को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 37 प्रस्तावों में से 35 को मंजूरी दी गई, जिनमें गेहूं खरीद नीति भी शामिल रही।
कैबिनेट बैठक के बाद कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीद 30 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगी। इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति कुंतल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹160 प्रति कुंतल अधिक है।

सरकार का मानना है कि इस बढ़े हुए MSP से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
🏢 6500 क्रय केंद्र होंगे स्थापित
प्रदेश में गेहूं खरीद को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए खाद्य विभाग की विपणन शाखा सहित कुल 8 एजेंसियों के माध्यम से 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र रोजाना सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पेयजल, बैठने की व्यवस्था सहित आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
💰 48 घंटे में भुगतान का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किया जाए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त होगी।
सरकार ने पूरी खरीद प्रक्रिया को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ दिया है, जिससे किसानों को भुगतान और पंजीकरण में आसानी होगी।
🌾 50 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य
इस वर्ष खाद्य एवं रसद विभाग ने प्रारंभिक रूप से 30 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसे बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।
यह निर्णय इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार किसानों की उपज का अधिकतम समर्थन मूल्य पर अधिक से अधिक खरीद सुनिश्चित करना चाहती है, ताकि किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव का नुकसान न झेलना पड़े।
🧾 किसानों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ
कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को गेहूं की उतराई, छनाई और सफाई के लिए ₹20 प्रति कुंतल अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। यह राशि सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी।
इस बार प्रदेश में गेहूं की फसल अच्छी मानी जा रही है। कृषि विभाग ने समय पर बीज और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए, जिससे उत्पादन में वृद्धि की संभावना है।
👨🌾 दो लाख के करीब किसानों ने कराया पंजीकरण
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गेहूं बिक्री के लिए अब तक लगभग 1,95,628 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्पष्ट है कि किसान सरकारी खरीद प्रणाली पर भरोसा जता रहे हैं।
📊 किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार की इस नई नीति से किसानों को कई स्तर पर लाभ मिलेगा—
MSP में वृद्धि से बेहतर आय
48 घंटे में भुगतान से नकदी संकट खत्म
ऑनलाइन प्रणाली से पारदर्शिता
अतिरिक्त ₹20 प्रति कुंतल से लागत की भरपाई
कुल मिलाकर, यह योजना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और आने वाले समय में यह प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को और मजबूत कर सकती है।
Author: Chautha Prahari
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