करीब 28 लाख छात्रों को 3350 करोड़ की छात्रवृत्ति हस्तांतरित, 33,334 परिवारों को 100 करोड़ की सहायता
लखनऊ, 30 मार्च। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश के गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए बड़े स्तर पर आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया। राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कक्षा 9-10 और दशमोत्तर के कुल 27,99,982 विद्यार्थियों के खातों में 3350 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति राशि हस्तांतरित की।

इसके साथ ही राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत 33,334 आश्रित परिवारों को 100 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रवृत्ति केवल एक संबल है, इसे मंजिल नहीं समझना चाहिए। उन्होंने छात्रों को परिश्रम को ही सफलता का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि कड़ी मेहनत ही जीवन में आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवाद के नाम पर परिवारवाद को बढ़ावा दिया गया और गरीबों के हक को लूटा गया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में योजनाओं का पैसा बीच में ही हड़प लिया जाता था, लेकिन अब तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है और एक क्लिक में करोड़ों रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार ने करीब 67 लाख छात्रों को 4800 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को अपनाते हुए सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के छात्रों को योजनाओं का लाभ दे रही है।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2016-17 में समाजवादी पार्टी सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों को छात्रवृत्ति तक नहीं दी थी और केंद्र से प्राप्त धनराशि को अन्य कार्यों में डायवर्ट कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि 2017 में सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार को पिछले वर्ष की छात्रवृत्ति भी देनी पड़ी थी।
उन्होंने कहा कि पहले तकनीक के अभाव में छात्रवृत्ति वितरण में भारी अनियमितताएं होती थीं और छात्रों को पूरी राशि नहीं मिल पाती थी। अब डिजिटल व्यवस्था के जरिए पारदर्शिता आई है और भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार व्याप्त था और योजनाओं की आधी राशि बिचौलियों और भ्रष्ट तंत्र के कारण लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाती थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने ऐसी व्यवस्था बनाई है जिसमें गरीबों के हक में कोई सेंध नहीं लगा सकता और यदि कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और कन्या सुमंगला योजना सहित कई अन्य योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब तक 10 लाख से अधिक परिवारों को इस योजना के तहत 3039 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मिशन रोजगार, अभ्युदय कोचिंग योजना और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और युवाओं को बिना भेदभाव के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू’ राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है और यहां निवेश, रोजगार और विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की सराहना की।
Author: Chautha Prahari
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