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अयोध्या में बड़ा हादसा: डॉक्टर की लापरवाही से प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, अस्पताल पर बवाल

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फोन पर निर्देश देकर कराया प्रसव! परिजनों का आरोप—डॉक्टर की लापरवाही ने ली दो जिंदगियां, कार्रवाई की मांग 

अयोध्या,1 अप्रैल। प्रदेश के अयोध्या जनपद से एक बेहद दर्दनाक और आक्रोश पैदा करने वाली घटना सामने आई है, जहां कथित तौर पर डॉक्टरों की लापरवाही के चलते प्रसव के दौरान जच्चा और नवजात दोनों की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला कोतवाली नगर क्षेत्र के बल्ला हाता स्थित “मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल” का है। बेनीगंज निवासी सुरेश यादव ने अपनी पत्नी सोनी यादव को प्रसव के लिए इस अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की संचालिका डॉक्टर अंजली श्रीवास्तव ने खुद मौके पर मौजूद न रहकर फोन पर ही अपने स्टाफ को निर्देश दिए और उसी आधार पर प्रसव कराया गया।
परिजनों के मुताबिक, प्रसव के दौरान हालत बिगड़ने के बावजूद समय रहते उचित चिकित्सा सुविधा नहीं दी गई, जिसके चलते पहले नवजात की मौत हुई और कुछ ही देर बाद जच्चा ने भी दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते परिजन व स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग रिकाबगंज पुलिस चौकी पर इकट्ठा हो गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। आक्रोशित परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर डॉक्टर समय पर मौजूद रहतीं और सही तरीके से इलाज होता, तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी।

प्रसव के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही आई सामने जच्चा बच्चा की मौत
मृतक महिला की फाइल फोटो

मृतका के पति सुरेश यादव और अन्य परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी डॉक्टर अंजली श्रीवास्तव के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए और अस्पताल को सीज किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने यह भी कहा कि यह सीधा-सीधा चिकित्सा लापरवाही (मेडिकल नेग्लिजेंस) का मामला है।
वहीं, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और परिजनों को शांत कराया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर यह देखा जाता है कि कई निजी अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं होते, लेकिन फिर भी मरीजों को भर्ती कर लिया जाता है, जिससे इस तरह की दुखद घटनाएं सामने आती हैं।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि जिले में संचालित सभी निजी अस्पतालों की जांच कराई जाए और जहां भी लापरवाही या अनियमितता मिले, वहां सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

Vinay Prakash Singh Editor in Chief M.N0- 9454215946 Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854

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