लखनऊ, 4 अप्रैल। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही असमय बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इसी को लेकर योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिलाधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में किसानों को राहत देने में देरी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को प्रदेश के कई जनपदों में हुई बारिश के बाद हालात की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्राकृतिक आपदा का प्रभाव किसानों पर न्यूनतम रखा जाए और हर प्रभावित व्यक्ति तक तुरंत सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने साफ कहा कि जनहानि, पशुहानि या किसी प्रकार की क्षति होने पर 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया जाना अनिवार्य होगा, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। कई जगहों पर फसल कटकर खेतों या खलिहानों में रखी थी, जो बारिश के कारण भीग गई है और खराब होने की स्थिति में पहुंच गई है। ऐसे में किसानों की आर्थिक स्थिति पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को निर्देशित किया है कि वे संयुक्त रूप से फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे करें और पूरी रिपोर्ट शासन को सौंपें। उन्होंने कहा कि सर्वे में पारदर्शिता और तेजी दोनों जरूरी हैं, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मिल सके।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और जमीनी हकीकत का आकलन करें। उन्होंने प्रमुख सचिव (कृषि) और राहत आयुक्त को भी निर्देश दिए हैं कि वे फील्ड में काम कर रहे अधिकारियों से सीधा संपर्क बनाए रखें और राहत कार्यों में समन्वय सुनिश्चित करें।
सरकार ने किसानों को भी जागरूक करते हुए कहा है कि वे अपनी फसल के नुकसान की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उनके लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। यदि फसल कटने के बाद खलिहान में रखी हुई है और बारिश से उसका नुकसान हुआ है, तो वह 14 दिनों तक बीमा कवरेज में शामिल रहती है।
ऐसे प्रभावित किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह सुविधा किसानों को जल्द राहत दिलाने के उद्देश्य से उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और किसी भी किसान को नुकसान की स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि “अन्नदाता” को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रदेश सरकार के इस सक्रिय रुख से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि जमीनी स्तर पर राहत कार्यों की गति और पारदर्शिता ही इसकी सफलता तय करेगी। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन किस तरह से तेजी से सर्वे कर किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाता है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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