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यूपी में 14 अप्रैल को भी खुलेंगे परिवहन कार्यालय,15 अप्रैल तक स्कूली वाहनों की 100% ऑनबोर्डिंग का अल्टीमेटम

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लखनऊ, 13 अप्रैल।यूपी में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) को 14 अप्रैल, जो कि अवकाश का दिन है, सामान्य कार्य दिवस की तरह खोलने का बड़ा फैसला लिया है। यह कदम स्कूली वाहनों की 100% ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

परिवहन आयुक्त किंजल सिंह के कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक, प्रदेश के सभी स्कूलों और उनके वाहनों को 15 अप्रैल 2026 तक विभागीय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से ऑनबोर्ड करना होगा। समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने अब किसी भी प्रकार की ढिलाई पर सख्त रुख अपना लिया है।

स्कूल बस और परिवहन विभाग जांच अभियान
दरअसल, 16 अप्रैल को अपर मुख्य सचिव (परिवहन) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में ऑनबोर्डिंग अभियान की प्रगति का आकलन किया जाएगा। ऐसे में परिवहन विभाग चाहता है कि तय समय सीमा से पहले ही सभी लक्ष्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि समीक्षा में कोई कमी सामने न आए।
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि 14 अप्रैल को प्रदेश के सभी उप परिवहन आयुक्त, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (RTO) और सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे और ऑनबोर्डिंग कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएंगे। इसके साथ ही प्रवर्तन (Enforcement) और सड़क सुरक्षा (Road Safety) से जुड़े सभी अनुभाग भी पूर्ण रूप से सक्रिय रहेंगे।
परिवहन विभाग द्वारा विकसित इस डिजिटल पोर्टल के माध्यम से स्कूलों और उनके वाहनों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जा रहा है। इस पहल से न सिर्फ वाहनों की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी, बल्कि सुरक्षा मानकों के पालन और ट्रैकिंग में भी पारदर्शिता आएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि स्कूली वाहन सभी आवश्यक नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
सूत्रों के मुताबिक, इस आदेश के बाद प्रदेशभर में परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। कई जिलों में देर रात तक ऑनबोर्डिंग का कार्य जारी रहने की संभावना है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि लक्ष्य पूरा करने में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
सरकार इस बार स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। हाल के वर्षों में स्कूल वाहनों से जुड़े हादसों को देखते हुए यह सख्ती और डिजिटल निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी और अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
कुल मिलाकर, 14 और 15 अप्रैल परिवहन विभाग के लिए बेहद अहम साबित होने वाले हैं। अब देखना यह होगा कि विभाग तय समय सीमा के भीतर 100% ऑनबोर्डिंग का लक्ष्य हासिल कर पाता है या नहीं।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

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