लखनऊ, 15 अप्रैल। उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के अधिकारों और उनकी सामाजिक सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रमिकों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक श्रमिक को सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां, समय पर वेतन और सभी वैधानिक सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है। यदि कोई संस्था या एजेंसी इन अधिकारों का हनन करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में गौतमबुद्ध नगर के हालिया घटनाक्रम का विशेष संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि औद्योगिक अशांति फैलाने वाले गैर-श्रमिक तत्वों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे उपद्रवी तत्वों को बेनकाब करते हुए उनकी तस्वीरें सार्वजनिक स्थलों पर भी लगाई जाएं, ताकि आम जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अफवाह और दुष्प्रचार फैलाने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया की सतत निगरानी सुनिश्चित करने और भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया।
मैनपावर सप्लाई एजेंसियों में संभावित अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में इन एजेंसियों की व्यापक और गहन जांच कराने के निर्देश दिए। जांच के दौरान श्रमिकों की वास्तविक संख्या, भुगतान की स्थिति, ईएसआई, बीमा और अन्य सुविधाओं की सच्चाई की पड़ताल की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार के शोषण पर रोक लगाई जा सके।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी और निजी औद्योगिक इकाइयों में ग्रीवांस सेल की स्थापना अनिवार्य करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए।
श्रमिकों के कल्याण को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्रों में डॉरमेट्री निर्माण और सस्ते आवासीय योजनाओं की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण केवल राजस्व अर्जन तक सीमित न रहें, बल्कि अपने सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करें।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जहां श्रमिकों का वेतन सीधे बैंक खातों में भेजा जा रहा है, वहां बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर दुर्घटना और असामयिक मृत्यु की स्थिति में सुरक्षा बीमा की व्यवस्था की जाए। साथ ही श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा बीमा पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
औद्योगिक माहौल को सकारात्मक बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उद्यमियों और प्रबंधन के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अराजक तत्वों को श्रमिकों की आड़ में औद्योगिक इकाइयों में प्रवेश न करने दिया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि हाल ही में श्रमिकों के वेतन में हुई वृद्धि से श्रमिकों में संतोष है और उद्यमी वर्ग भी इस निर्णय से संतुष्ट है। गौतमबुद्ध नगर में स्थिति अब सामान्य हो रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बढ़ा हुआ वेतन 1 अप्रैल से हर हाल में श्रमिकों को मिले। इसके अलावा कुछ औद्योगिक इकाइयों में शिकायतों को देखते हुए थर्ड पार्टी सर्वेक्षण कराने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे समस्याओं का निष्पक्ष समाधान निकाला जा सके।
इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Author: Chautha Prahari
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