लखनऊ, 21 अप्रैल।उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तेजतर्रार आईएएस अधिकारी आशुतोष निरंजन को परिवहन आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने मंगलवार को औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण करते हुए विभागीय कार्यों की समीक्षा की और मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

प्रदेश में सड़क सुरक्षा, ओवरलोडिंग, अवैध वसूली और परिवहन तंत्र की पारदर्शिता जैसे गंभीर मुद्दों के बीच उनकी नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बदलाव के जरिए सरकार परिवहन विभाग में व्यापक सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
2010 बैच के आईएएस अधिकारी आशुतोष निरंजन अपनी सख्त प्रशासनिक शैली, त्वरित निर्णय क्षमता और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली के लिए जाने जाते हैं। पूर्व में यूपीडा में तैनाती के दौरान उन्होंने महज 18 महीनों में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को पूरा कराने में अहम भूमिका निभाई थी। इस परियोजना को प्रदेश के विकास की दृष्टि से मील का पत्थर माना जाता है, जिसने कनेक्टिविटी के साथ-साथ निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति दी।
उनका प्रशासनिक अनुभव भी काफी व्यापक रहा है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक के रूप में उन्होंने सरकारी योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं गोंडा, बस्ती और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए प्रभावी नेतृत्व दिया।
गोंडा में “कलेक्टर के साथ कॉफी” जैसी पहल के जरिए उन्होंने प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रयास किया, जिसे एक नवाचार के रूप में देखा गया।
केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के दौरान भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री के निजी सचिव के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभव को और समृद्ध किया। उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि इलेक्ट्रॉनिक्स में बीई की है और उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 11वीं रैंक हासिल की थी।
सरकार की प्राथमिकताओं में अब परिवहन विभाग में डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत करना, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के स्तर में सुधार लाना शामिल है। प्रदेश में हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है, वहीं अवैध वसूली को लेकर विभाग पर सवाल उठते रहे हैं।
ऐसे में आशुतोष निरंजन की नियुक्ति को महज एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि सुधार की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वह अपने पिछले कार्यकाल की तरह कितनी तेजी से विभाग में सुधार लागू कर पाते हैं और क्या परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी व प्रभावी बना पाते हैं।
कार्यभार ग्रहण के दौरान परिवहन मुख्यालय में अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) संजय सिंह, अपर परिवहन आयुक्त (राजस्व) डॉ. आर.के. विश्वकर्मा, अपर परिवहन आयुक्त (आईटी) विजय कुमार सिंह सहित परिवहन विभाग के अन्य अधिकारीद्वय मौजूद रहे।
Author: Chautha Prahari
Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854





