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15 जून से शुरू होंगी जेवर एयरपोर्ट की उड़ानें, लखनऊ से पहुंचेगी पहली उद्घाटन फ्लाइट

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लखनऊ/नोएडा,13जून(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश के लिए 15 जून 2026 एक महत्वपूर्ण दिन साबित होने जा रहा है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू होगा। पहले दिन देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अपनी सेवाएं शुरू करेगी। उद्घाटन उड़ान सुबह 7:05 बजे लखनऊ से रवाना होकर 8:05 बजे जेवर एयरपोर्ट पहुंचेगी। इसके बाद एयरपोर्ट से बेंगलुरु के लिए पहली नियमित वाणिज्यिक उड़ान संचालित की जाएगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर का टर्मिनल भवन और रनवे
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं में गिना जाता है। यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के लिए एक नए एविएशन गेटवे के रूप में विकसित किया गया है। इसके शुरू होने से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी का विकल्प मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। उस समय उन्होंने इसे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताया था। राज्य सरकार का मानना है कि यह एयरपोर्ट प्रदेश को वैश्विक निवेश, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित इस परियोजना के लिए करीब 1334 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बने इस एयरपोर्ट का पहला चरण पूरी तरह तैयार है। पहले चरण में यह हर साल 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। एयरपोर्ट को मार्च 2026 में डीजीसीए से एयरोड्रोम लाइसेंस भी मिल चुका है।
वर्तमान चरण में एक रनवे, आधुनिक टर्मिनल भवन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर सहित सभी जरूरी सुविधाएं तैयार की गई हैं। इंडिगो चरणबद्ध तरीके से इस एयरपोर्ट को लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद, अमृतसर, चंडीगढ़, धर्मशाला, जयपुर, नवी मुंबई, पंतनगर और श्रीनगर समेत 16 से अधिक शहरों से जोड़ेगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास चार चरणों में किया जा रहा है। वर्ष 2031 तक इसकी क्षमता तीन करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। वर्ष 2036 तक यह क्षमता पांच करोड़ और 2040 तक सात करोड़ यात्रियों तक बढ़ जाएगी। अंतिम विस्तार के बाद एयरपोर्ट पर पांच रनवे होंगे और इसकी कुल क्षमता 22.5 करोड़ यात्रियों तक पहुंच सकती है।
राज्य सरकार के अनुसार इस परियोजना से लगभग एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक इकाइयों, लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, होटल और सेवा क्षेत्र में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में जेवर क्षेत्र उत्तर भारत के प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी केंद्रों में शामिल हो सकता है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होना केवल एक नए एयरपोर्ट की शुरुआत नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, निवेश और रोजगार के नए दौर की भी शुरुआत माना जा रहा है। इससे प्रदेश की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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