(विनय प्रकाश सिंह)
लखनऊ,14जून(चौथा प्रहरी)।उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले कराए जाने की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। भाजपा नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर की राज्य इकाइयों को चुनावी तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि चुनाव कार्यक्रम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

जानकारी के मुताबिक, फरवरी-मार्च 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के बजाय नवंबर-दिसंबर 2026 में चुनाव कराने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित जनगणना के दूसरे चरण से पहले चुनाव संपन्न कराने की रणनीति पर भी मंथन चल रहा है।
भाजपा नेतृत्व ने संबंधित राज्यों की इकाइयों से संगठनात्मक नियुक्तियां जल्द पूरी करने और बूथ स्तर तक चुनावी तैयारियों को मजबूत करने को कहा है। उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड की इकाइयों की ओर से भी चुनावी गतिविधियों में तेजी के संकेत मिले हैं।
संभावित समयपूर्व चुनाव की चर्चाओं के बीच विपक्षी दल भी सक्रिय हो गए हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, इंडिया गठबंधन की बैठकों में भी जल्द चुनाव होने की संभावना पर चर्चा हुई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच संभावित चुनावी रणनीति को लेकर बातचीत की खबरें भी सामने आई हैं।
सूत्रों का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो जनवरी 2027 की मतदाता सूची को निर्धारित समय से पहले अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। इससे चुनाव कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में प्रशासनिक सुविधा मिल सकती है।
हालांकि अभी तक न तो चुनाव आयोग की ओर से और न ही केंद्र सरकार की ओर से चुनाव की तारीखों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा की गई है। ऐसे में समयपूर्व चुनाव की अटकलों की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
आने वाले महीनों में राजनीतिक दलों की गतिविधियां और संगठनात्मक तैयारियां इस चर्चा को और गति दे सकती हैं। यदि चुनाव तय समय से पहले कराए जाते हैं तो उत्तर प्रदेश समेत पांचों राज्यों की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है। वहीं मतदाताओं और राजनीतिक दलों को भी अपनी रणनीतियां समय से पहले तैयार करनी होंगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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