(रिपोर्ट-एके दुबे)
लखनऊ, 23 अप्रैल।लखनऊ-कानपुर हाईवे पर दरोगा खेड़ा का डाइवर्जन कट बंद होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। आसपास रहने वाले लोग, व्यापारी और रोजाना आने-जाने वाले पैदल यात्री सड़क पार करने को लेकर जूझ रहे हैं। लोगों का कहना है कि लाखों की आबादी वाले इस इलाके में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कट बंद करना गलत है। अगर समय रहते इसका समाधान जिम्मेदारों द्वारा नहीं निकाला गया तो यह जन आक्रोश काफी दिनों तक चलने के आसार है।
मामला उस समय गरमाया जब स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने खुलकर विरोध जताया। उनका सीधा सवाल है—अब स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग हाईवे कैसे पार करेंगे? लोगों के मुताबिक, रोजमर्रा के कामों के लिए सड़क पार करना जरूरी है, लेकिन कट बंद होने से उन्हें लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है या फिर जोखिम उठाकर सीधे हाईवे पार करना पड़ रहा है।

दरअसल, लखनऊ से कानपुर तक एलिवेटेड हाईवे का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस काम में पीएनसी और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण लगे हैं। लेकिन निर्माण के साथ-साथ स्थानीय जरूरतों को नजरअंदाज करने के आरोप भी लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि कट बंद करने से पहले पैदल चलने वालों के लिए कोई सुरक्षित रास्ता या अंडरपास नहीं बनाया गया।
इस मुद्दे पर पहले भी ठेकेदार और स्थानीय व्यापारियों के बीच बहस हो चुकी है। गुरुवार को पार्षद प्रतिनिधि लवकुश रावत ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक को पत्र लिखकर समस्या बताई। अधिकारियों ने कार्रवाई और पैदल यात्रियों के लिए व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है।
स्थानीय लोगों—डॉ. अजीत सिंह, डी.बी. सिंह और अभिषेक अवस्थी सहित कई लोगों ने कहा कि हाईवे का काम पूरा होने के करीब है, लेकिन आसपास के लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं नहीं दी गईं। उनका आरोप है कि कई जगह काम अधूरा है, नाले अधूरे पड़े हैं और धूल-मिट्टी से व्यापार प्रभावित हो रहा है।
लोगों का यह भी कहना है कि दूर-दूर कट होने की वजह से लोग गलत तरीके से हाईवे पार करने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने मांग की है कि जल्द सुरक्षित पैदल रास्ता, अंडरपास या सही डाइवर्जन बनाया जाए।
आगे क्या असर पड़ेगा?
अगर समय रहते समाधान नहीं निकला तो यहां हादसों का खतरा और बढ़ सकता है। साथ ही स्थानीय व्यापार पर भी असर जारी रहेगा। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कोई ठोस कदम उठाएगा, ताकि सुविधा और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।
Author: Chautha Prahari
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