लखनऊ, 28 अप्रैल। पंचायती राज विभाग ने मंगलवार को क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के लिए राज्यस्तरीय एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर मुख्य अतिथि रहे। प्रमुख सचिव अनिल कुमार और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की मिशन निदेशक गुंजन द्विवेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कार्यशाला का उद्देश्य पंचायतों को और मजबूत बनाना और ग्रामीण विकास की दिशा तय करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसमें उत्तर प्रदेश ब्लॉक प्रमुख संघ के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘सेनानी’ भी शामिल हुए। प्रदेश भर से आए क्षेत्र पंचायत प्रमुखों ने इसमें भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान पंचायती राज विभाग की योजनाओं, नवाचारों और उनके बेहतर क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि योजनाओं को जमीन पर सही तरीके से लागू करने के लिए पारदर्शिता और जनभागीदारी सबसे जरूरी है। विभिन्न सत्रों में पंचायतों की कार्यप्रणाली सुधारने और प्रशासनिक समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में शामिल पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कई योजनाओं में स्थानीय स्तर पर आने वाली दिक्कतों को दूर करने की जरूरत है। साथ ही, उन्होंने पंचायतों को और प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए।
इस दौरान उत्तर प्रदेश ब्लॉक प्रमुख संघ ने मंत्री को 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इसमें पंचायतों के अधिकार, संसाधन और कामकाज को बेहतर बनाने से जुड़ी मांगें शामिल रहीं।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि यह कार्यशाला ग्रामीण विकास की दिशा तय करने का अहम मंच है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायत प्रमुख व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और उन्हें नेतृत्वकारी भूमिका निभानी होगी। मंत्री ने वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने, लंबित कार्यों के निस्तारण और निधियों के सही उपयोग पर खास जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि गांवों के विकास में जनभागीदारी और पारदर्शिता सबसे बड़ा आधार है। स्वच्छता, जल संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर पर मॉडल तैयार करने की जरूरत है, ताकि अन्य क्षेत्रों में भी उसका लाभ मिल सके।
मंत्री ने ब्लॉक प्रमुख संघ की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि सभी बिंदुओं की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और जो मांगें जनहित में होंगी, उन पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य पर प्रभाव-इस कार्यशाला के जरिए साफ संकेत मिला है कि आने वाले समय में पंचायतों को ज्यादा जिम्मेदारी और संसाधन दिए जा सकते हैं। अगर तय लक्ष्यों पर काम सही तरीके से हुआ तो ग्रामीण विकास की रफ्तार तेज होगी और योजनाओं का सीधा लाभ गांव तक पहुंचेगा।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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