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मेरठ से शुरू हुआ दुग्धामृत समागम,28 हजार करोड़ निवेश से बदलेगा यूपी का डेयरी सेक्टर

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डेयरी किसानों और पशुपालकों का सम्मेलन

मेरठ से शुरू हुआ ‘स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम’जून में गोरखपुर में होगा भव्य समापन

लखनऊ,05मई(चौ. प्र.)।उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मंगलवार को मेरठ में ‘स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम’ की शुरुआत हुई। यह कार्यक्रम प्रदेश के 18 मंडलों में होगा और इसका भव्य समापन जून में गोरखपुर में किया जाएगा। इस आयोजन का मकसद पशुपालकों, किसानों और डेयरी निवेशकों को एक मंच पर लाना और डेयरी सेक्टर को नई दिशा देना है। इसका फायदा छोटे किसानों को मिलेगा।

डेयरी किसानों और पशुपालकों का सम्मेलन
मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में हुए पहले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक और निवेशक पहुंचे। कार्यक्रम की थीम ‘स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य-खुशहाल उत्तर प्रदेश’ रखी गई। इसमें कई बड़े डेयरी ब्रांड्स ने भी हिस्सा लिया और अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया।
अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप शुरू की गई है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है, जिसमें डेयरी सेक्टर की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडल स्तर पर डेयरी कॉन्क्लेव आयोजित किए जा रहे हैं। इसका सीधा फायदा छोटे किसानों को मिलेगा।
दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में दूध उत्पादन में पहले स्थान पर है। इस स्थिति को बनाए रखने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। किसानों को बेहतर बाजार, पारदर्शी मूल्य और स्थायी आय देने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इससे गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 से अब तक डेयरी सेक्टर में 28 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के 796 एमओयू साइन हुए हैं। इनसे 77 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। वहीं, नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत 10 हजार से ज्यादा लोगों को 84 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। साथ ही 4000 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाकर करीब 1.5 लाख दुग्ध उत्पादकों को जोड़ा गया है।
इस समागम के जरिए सरकार का फोकस साफ है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को डेयरी से जोड़कर उनकी आय बढ़ाई जाए। गोरखपुर में होने वाले समापन कार्यक्रम में हजारों किसान, पशुपालक, उद्यमी और निवेशक जुटेंगे। वहां नई तकनीक, बेहतर नस्ल के गो-पालन और डेयरी से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की जाएंगी।
आगे क्या असर पड़ेगा
इस पहल का सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। डेयरी सेक्टर में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए मौके बनेंगे। छोटे किसानों और पशुपालकों को स्थायी आय का जरिया मिलेगा। अगर यह योजना सही तरीके से लागू हुई, तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश डेयरी क्षेत्र में और मजबूत स्थिति में नजर आ सकता है।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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