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आयुष्मान योजना में बड़ा सफाई अभियान, कई अस्पतालों और डॉक्टरों के डाटा की हुई जांच

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आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल में मरीज का इलाज करते डॉक्टर।

लखनऊ, 14 मई(चौथा प्रहरी)। योगी सरकार ने आयुष्मान योजना को और ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए बड़ा अभियान चलाया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जय) के तहत अस्पतालों और डॉक्टरों के डाटा का विशेष सत्यापन कराया गया। सरकार का कहना है कि इसका मकसद फर्जीवाड़ा रोकना, रिकॉर्ड दुरुस्त करना और मरीजों को बेहतर इलाज देना है।

आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल में मरीज का इलाज करते डॉक्टर।
साचीज की सीईओ Archana Verma ने बताया कि अभियान के दौरान अस्पतालों और चिकित्सकों से जुड़े रिकॉर्ड की गहराई से जांच की गई। जांच में सामने आया कि 28 डॉक्टरों के नाम 15 से ज्यादा अस्पतालों से जुड़े मिले। वहीं 274 डॉक्टर ऐसे पाए गए जिनके नाम सात से अधिक अस्पतालों में दर्ज थे। इसके बाद संबंधित अस्पतालों और डॉक्टरों को नोटिस जारी किए गए और तीन दिन का सत्यापन अभियान चलाया गया।
सरकार के मुताबिक कई मामलों में यह पाया गया कि डॉक्टर पहले किसी अस्पताल में काम कर चुके थे, लेकिन रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं हुआ। इसी वजह से उनके नाम पुराने अस्पतालों में भी दर्ज रहे। वहीं कुछ विशेषज्ञ डॉक्टर वास्तव में कई अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं, जिससे दूरदराज इलाकों के मरीजों को भी विशेषज्ञ इलाज मिल पा रहा है।
सीईओ अर्चना वर्मा ने साफ कहा कि इस अभियान का उद्देश्य किसी डॉक्टर या अस्पताल को परेशान करना नहीं है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और सरकारी संसाधनों का सही इस्तेमाल हो। डाटा में गड़बड़ी, फर्जी रिकॉर्ड और अनियमितताओं को रोकने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं।
सरकार अब आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (ईएचआर) प्रणाली को भी तेजी से लागू करने पर जोर दे रही है। इसके जरिए मरीजों का पूरा इलाज रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा। इससे इलाज की प्रक्रिया तेज होगी और मरीजों को बार-बार जांच कराने की जरूरत भी कम पड़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड व्यवस्था लागू होने से अस्पतालों के बीच तालमेल बेहतर होगा। डॉक्टरों को मरीज की पुरानी मेडिकल जानकारी आसानी से मिल सकेगी और इलाज में समय भी बचेगा। साथ ही सरकारी निगरानी मजबूत होने से आयुष्मान योजना में पारदर्शिता और बढ़ेगी।

 

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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