लखनऊ,14मई(चौथा प्रहरी)।देशभर में वाहन पोर्टल में तकनीकी समस्या सामने आई है। यह दिक्कत पिछले कुछ दिनों से चल रही है, जिससे कई राज्यों में ऑनलाइन परिवहन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इस मामले में परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने जानकारी दी है कि एनआईसी की तकनीकी टीम इस समस्या को ठीक करने में लगी हुई है। यह समस्या पुराने सिस्टम से नए क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में माइग्रेशन के दौरान आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई है।
परिवहन आयुक्त के अनुसार, वाहन पोर्टल का संचालन पूरे देश में होता है और यह लाखों लोगों की रोजमर्रा की सेवाओं से जुड़ा हुआ है। ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और अन्य परिवहन सेवाएं इसी पोर्टल के माध्यम से संचालित होती हैं।
हाल के दिनों में जब सिस्टम को पुराने बुनियादी ढांचे से नए क्लाउड सिस्टम पर स्थानांतरित किया जा रहा था, तभी कुछ तकनीकी बाधाएं सामने आ गईं। उप-महानिदेशक (DDG) और ई-ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रमुख अधिकारियों ने बताया कि माइग्रेशन प्रक्रिया के दौरान अप्रत्याशित सर्वर खराबी हो गई, जिससे सिस्टम की गति और स्थिरता प्रभावित हुई।

परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने कहा कि तकनीकी टीम लगातार इस समस्या को दूर करने में जुटी है। विशेषज्ञों को भी इस काम में शामिल किया गया है ताकि सिस्टम को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाया जा सके।
एनआईसी लखनऊ और एनआईसी मुख्यालय, नई दिल्ली की टीमें मिलकर इस समस्या पर काम कर रही हैं। विभाग ने यह भी माना है कि इस तकनीकी दिक्कत के कारण नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ा है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कोई सुरक्षा संबंधी समस्या नहीं है, बल्कि तकनीकी ढांचे के अपग्रेड से जुड़ा मामला है। जैसे ही माइग्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह स्थिर होगी, सेवाएं सामान्य गति से फिर शुरू हो जाएंगी।
नागरिकों पर असर
वाहन पोर्टल में आई इस तकनीकी समस्या का असर सीधे आम लोगों पर पड़ा है। कई जगहों पर वाहन रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस आवेदन और अन्य ऑनलाइन सेवाएं धीमी या अस्थायी रूप से बाधित हुई हैं। इससे आरटीओ कार्यालयों में भी कामकाज की गति प्रभावित हुई है।
हालांकि विभाग ने साफ किया है कि काम पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन सिस्टम की गति और उपलब्धता में अस्थिरता देखी जा रही है।
भविष्य का प्रभाव और आगे की स्थिति
तकनीकी टीम का कहना है कि क्लाउड माइग्रेशन पूरा होने के बाद सिस्टम पहले से अधिक तेज और सुरक्षित हो जाएगा। इससे भविष्य में डेटा प्रबंधन और सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है।
परिवहन विभाग ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सुधार कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। आने वाले दिनों में सिस्टम को स्थिर कर पूरी क्षमता के साथ फिर से शुरू किया जाएगा।
जानकारों के अनुसार, इस तरह के बड़े डिजिटल माइग्रेशन में शुरुआती तकनीकी दिक्कतें सामान्य होती हैं, लेकिन अंतिम परिणाम अधिक मजबूत और स्केलेबल सिस्टम के रूप में सामने आता है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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