नई दिल्ली, 21 मई(चौथा प्रहरी)। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रीना एन सिंह ने हिंदुत्व और संविधान को लेकर दिए गए बयान पर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि राजा भैया ने संविधान का अपमान नहीं किया, बल्कि देश को शरियत के आधार पर चलाने की कोशिश करने वालों से सावधान रहने की बात कही है।

रीना एन सिंह ने कहा कि राजा भैया के बयान का मतलब यह था कि यदि सनातन और हिंदुत्व कमजोर होंगे तो देश में अराजक ताकतें मजबूत हो जाएंगी। उनके मुताबिक ऐसी स्थिति में संविधान को भी खतरा पैदा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजा भैया के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं ताकि राजनीतिक और सामाजिक लोकप्रियता हासिल की जा सके। रीना सिंह ने कहा कि राजा भैया लंबे समय से हिंदुत्व और सनातन पर विश्वास रखने वाले नेता रहे हैं और उनका संदेश समाज को जोड़ने वाला रहा है।
योगी आदित्यनाथ पर पुस्तक लिख चुकीं रीना एन सिंह ने कहा कि राजा भैया का परिवार हमेशा सनातन और हिंदू समाज से जुड़े मुद्दों पर खुलकर खड़ा रहा है। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन, कश्मीरी पंडितों के विस्थापन और अन्य धार्मिक मुद्दों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति का परिवार लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा रहा हो और जो 33 वर्षों से लगातार विधायक चुना जा रहा हो, वह संविधान का अपमान नहीं कर सकता। रीना सिंह ने यह भी कहा कि राजा भैया का संदेश समाज में एकता बनाए रखने का है।
रीना एन सिंह ने बंगाल और केरल जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि हिंदुओं के खिलाफ घटनाओं को लेकर चिंता जताना गलत नहीं है। उनके अनुसार राजा भैया संविधान और सनातन दोनों को बचाने की बात कर रहे हैं।
राजनीतिक हलकों में इस बयान के बाद बहस तेज हो गई है। आने वाले समय में हिंदुत्व, संविधान और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर चर्चा और बढ़ सकती है।
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Author: VINAY PRAKASH SINGH
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