लखनऊ, 31मई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में महिला नेतृत्व को बड़ी मजबूती मिली है। विभाग के तीन सबसे अहम पदों पर महिला आईएएस अधिकारियों की तैनाती की गई है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल को राजस्व परिषद का चेयरमैन बनाया गया है। वहीं अपर्णा यू को प्रमुख सचिव राजस्व और कंचन वर्मा को राजस्व परिषद का सचिव नियुक्त किया गया है। इस फैसले को प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नई तैनाती के बाद राजस्व विभाग की कमान अब पूरी तरह महिला अधिकारियों के हाथों में दिखाई देगी। सरकार का यह निर्णय प्रशासनिक व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाता है। लंबे समय से विभिन्न विभागों में अहम जिम्मेदारियां निभा रही महिला अधिकारी अब राजस्व विभाग के शीर्ष स्तर पर भी नेतृत्व करती नजर आएंगी।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल को अध्यक्ष राजस्व परिषद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके पास पहले से अपर मुख्य सचिव परिवहन का दायित्व है, जो यथावत रहेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास बना रहेगा। प्रशासनिक अनुभव और विभिन्न विभागों में काम करने का उनका लंबा अनुभव नई जिम्मेदारी में अहम माना जा रहा है।
इसी तरह अपर्णा यू को प्रमुख सचिव राजस्व की जिम्मेदारी दी गई है। राजस्व विभाग राज्य सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक माना जाता है, क्योंकि यह भूमि, राजस्व और प्रशासनिक मामलों से सीधे जुड़ा होता है। वहीं कंचन वर्मा को राजस्व परिषद का सचिव बनाया गया है, जिससे विभाग के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे में महिला अधिकारियों की मजबूत उपस्थिति स्थापित हुई है।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की नियुक्तियां सरकारी व्यवस्था में महिलाओं के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाती हैं। इससे अन्य महिला अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
आने वाले समय में राजस्व विभाग में महिला नेतृत्व की यह नई टीम विभागीय कार्यों को नई दिशा देने के साथ-साथ प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत कर सकती है। यह कदम शासन और प्रशासन में लैंगिक संतुलन को बढ़ावा देने के रूप में भी देखा जा रहा है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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