लखनऊ, 04(चौथा प्रहरी)। राजधानी लखनऊ में व्यापारियों और राज्य कर विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाने के उद्देश्य से बुधवार को लखनऊ के लाटूश रोड स्थित व्यापार मंडल भवन में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जीएसटी पंजीकरण व्यवस्था को अधिक सरल और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण के लाभ और उसकी आवश्यकता के बारे में जानकारी दी, वहीं व्यापारियों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के सामने रखे।
कार्यक्रम में खंड-3, खंड-4, खंड-5 और खंड-7 के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने व्यापारियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और कर संबंधी विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की।

लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने इस दौरान व्यापारियों की ओर से कई मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि जीएसटी विभाग की ओर से हाल में लागू की गई ई-वे बिल निरस्तीकरण संबंधी नई व्यवस्था व्यापारियों के लिए व्यावहारिक नहीं है। उनके अनुसार ई-वे बिल की एक निश्चित वैधता अवधि होती है। कई बार परिवहन के दौरान तकनीकी या अन्य कारणों से उसकी समय सीमा समाप्त हो जाती है। ऐसे में व्यापारियों को दोबारा ई-वे बिल बनाना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की अतिरिक्त परेशानी होती है।
व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि विभाग इस विषय पर व्यावहारिक समाधान निकालेगा ताकि कारोबार प्रभावित न हो और अनुपालन भी आसान बना रहे।
संवाद कार्यक्रम में उदय प्रताप सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर रेंज-ए लखनऊ, उपायुक्त राखी सिंह, अनिल कुमार, पूनम गुप्ता, प्रमोद विश्वकर्मा, असिस्टेंट कमिश्नर अनुपमा सिंह तथा राज्य कर अधिकारी संजय सिंह और रवि भूषण मौजूद रहे।
व्यापारियों की ओर से अमरनाथ मिश्र, सतीश अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, भारत भूषण गुप्ता, अनिल वरमानी, पवन मनोचा, देवेंद्र गुप्ता, अनुराग मिश्र, जितेंद्र सिंह चौहान, सुहैल हैदर अल्वी, अरविंद पाठक, नितिन जैन, मनीष गुप्ता और कुश मिश्र सहित बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई। व्यापारिक हितों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग और समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
ऐसे संवाद कार्यक्रम भविष्य में कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं। इससे व्यापारियों की समस्याओं का समय पर समाधान होगा और विभाग तथा कारोबारी समुदाय के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854





